काम नहीं आई अपील, दिनभर होता रहा हंगामा

Bareilly Updated Sat, 26 Oct 2013 05:44 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

विज्ञापन

आखिरकार जिसकी आशंका थी, वही हुआ। छात्रसंघ चुनाव निरस्त होने के बाद शुक्रवार को बरेली कॉलेज खुला तो जरूर, लेकिन छात्र संगठनों के गुस्से के कारण पूरे कैंपस का माहौल गरमा गया। एक दिन पहले प्राचार्य और शिक्षकों की ओर से छात्रनेताओं के लिए जारी शांति की अपील भी काम नहीं आई। चुनाव निरस्त होने से नाराज लगभग सभी छात्र संगठनों ने कॉलेज में हंगामा किया। किसी संगठन ने प्रदर्शन किया तो किसी ने गांधीगीरी का रास्ता अपनाया, लेकिन सबका उद्देश्य एक ही था। वे कॉलेज प्रशासन से जल्द से जल्द चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग कर रहे थे। हालांकि किसी अनहोनी से निपटने के लिए पुलिस और पीएसी के जवान भी मुस्तैद थे।
एबीवीपी की धमकी: जल्द चुनाव न होने पर आंदोलन
बरेली। बरेली कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव की तारीख जल्द घोषित करने की मांग को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य को ज्ञापन दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव सत्ताधारी दल के दबाव में निरस्त किया गया है। तारीख जल्द घोषित नहीं होने पर कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी है। इससे पहले प्रदर्शन के लिए बैरियर से आगे बढ़ने से रोकने पर कार्यकर्ता वहीं पर धरने पर बैठ गए। उनके आई कार्ड चेक किए गए। बाद में कॉलेज प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दे दी। इस दौरान अभिषेक सैनी, दीपक ऋषि, दुष्यंत गौड़, यशवंत सिंह, हर्षित काशी, दिनेश गंगवार, ज्योति मेहरा आदि मौजूद रहे।

सछास की मांग: सीएम के कार्यक्रम से पहले हो चुनाव
बरेली। बरेली कॉलेज में समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने चुनाव की मांग को लेकर प्राचार्य कार्यालय में प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि नौ नवंबर को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले कॉलेज प्रशासन हर हाल में चुनाव की तारीख घोषित करे, नहीं तो वे आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों के उल्लंघन में एक संगठन विशेष के पर्चे खारिज होने से बचाने के लिए कॉलेज प्रशासन ने चुनाव निरस्त किया है। इस मौके पर गौरव सक्सेना, विशाल यादव, अनूप यादव, सौरभ मिश्रा, अनिकेत सक्सेना, मोहम्मद तौहीद, मोहित भारद्वाज, संतोष यादव आदि मौजूद रहे।

अछास की गांधीगीरी: जल्द फैसला करे कॉलेज प्रशासन
बरेली। बरेली कॉलेज में अंबेडकर छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने चुनाव रद्द करने का विरोध गांधीगीरी से किया। कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य को फूल भेंटकर शांति के संदेश के साथ छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और शैक्षिक माहौल बनाने की मांग की। उनका कहना था कि सोमवार तक कॉलेज प्रशासन कोई उचित फैसले नहीं लेगा तो संगठन कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन को बाध्य होंगे। इस दौरान अंशुमान पटेल, रजत मिश्रा, आकाश सागर, गुरुशरन सिंह, अवनीश चौबे, आशुतोष सिंह, विशाल सिंह, अखिल, रचित, दीपक कुमार, देवेंद्र कुमार, प्रीति सिंह, रचना, शैलेंद्र आदि मौजूद रहे।

एसएफआई का आरोप: राजनीतिक दबाव में रद्द हुआ चुनाव
बरेली। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य को ज्ञापन देकर छात्रसंघ चुनाव जल्द कराने की मांग की। उन्हाेंने कहा कि विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर बरेली कॉलेज का छात्रसंघ चुनाव निरस्त कर दिया गया। कॉलेज प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के राजनीतिक दबाव के चलते ऐसा किया। अगर कॉलेज में लिंगदोह समिति की सिफारिशों का उल्लंघन हुआ तो प्रत्याशियों को नोटिस दिया जाना चाहिए था या फिर पर्चा खारिज, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। इस मौके पर विराट कन्नौजिया, कमल हसन, मनदीप कौर, विक्की, मंजीत सिंह, महिपाल गंगवार, काव्या आदि मौजूद रहीं।

पुलिस-पीएससी के साये में रहा कॉलेज
बरेली। बरेली कॉलेज में 18 अक्तूबर को छात्रसंघ चुनाव की कोर कमेटी ने चुनाव निरस्त करने का आदेश जारी कर 24 अक्तूबर तक के लिए कॉलेज बंद कर दिया था। शुक्रवार को कॉलेज सुरक्षा व्यवस्था के बीच खोला गया। पूरे कॉलेज में पुलिस-पीएसी तैनात रही। इतने ताम-झाम के बावजूद छात्रनेताओं ने प्रदर्शन कर प्राचार्य के सामने अपनी मांगें रखीं।

फॉर्म जमा करने में हुई अफरातफरी
बरेली। कई दिनों बाद कॉलेज खुलने पर कैंपस में सामान्य विद्यार्थियों की भीड़ भी काफी थी। इसके अलावा प्राइवेट फॉर्म जमा करने वाले विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। काउंटर सिर्फ दो होने के कारण छात्र-छात्राओं की लंबी लाइनें लगी थीं। इस वजह से कुछ छात्राएं गिर भी गईं। इस कारण अफरातफरी भी मची रही। यह देखकर पूर्व उपाध्यक्ष विनोद जोशी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य से काउंटर बढ़ाने की मांग की। इसके बाद काउंटर चार कर दिए गए।

...तो दिवाली बाद होगा चुनाव
बरेली। कॉलेज सूत्रों का कहना है कि कॉलेज ने जिस दबाव में चुनाव निरस्त किया है, वह उसी दबाव में ही चुनाव कराएगा। अगर जिला प्रशासन हस्तक्षेप करेगा तो कॉलेज को हर हाल में चुनाव कराना पड़ेगा। इस पर अंतिम फैसला दिवाली बाद ही हो पाएगा।
-----------------
वर्जन
ऐसी स्थितियों में नहीं होगा चुनाव : प्राचार्य
कॉलेज में जैसे हालात हैं, उससे तो अभी चुनाव नहीं करा पाएंगे। धरने और प्रदर्शन से कॉलेज का माहौल बिगड़ रहा है। विद्यार्थियों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। - डॉ. आरपी सिंह, प्राचार्य, बरेली कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us