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बदनाम लेकफैड पर एक और दाग, रकम ठिकाने लगा कर मुसीबत बढ़ा दी

Bareilly Updated Mon, 11 Feb 2013 05:32 AM IST
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बरेली। मरीजों के संक्रमण से बचाने के लिए अस्पताल के जिस हिस्से को सबसे साफ होना चाहिए अपने जिला अस्पताल में वहीं सीवर उफनाया हुआ है। टीबी और आईसोलेशन वार्ड में मरींज पता नहीं कैसे रह रहे हैं यहां तो कुछ देर रुकना किसी सजा से कम नहीं। सीवर लाइन ब्लॉक हो जाने से वार्डों के सामने ग्राउंड में गंदगी बजबजा रही है। सरकारी रकम ठिकाने लगा कर सीवर लाइन के ऊपर बिल्डिंग बना देने से यह समस्या खड़ी हुई है। लेकिन इसे स्थायी तौर पर दूर करने के लिए अफसरों के बीच अभी तक सिर्फ पत्र व्यवहार ही चल रहा है।
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आईसोलेशन और टीबी वार्ड के सामने से जा रही सीवर लाइन बिहारीपुर ढाल की मेन सीवर लाइन से जुड़ती है। अस्पताल परिसर में इस सीवर लाइन के ऊपर ही बर्न वार्ड की नई बिल्डिंग खड़ी कर दी गई है। दरअसल बिल्डिंग का नक्शा तैयार होने के वक्त ही सीवर लाइन शिफ्ट करने की योजना बना लेनी चाहिए थी, मगर इस पर अस्पताल प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। जब काम शुरू हुआ तो कार्यदायी संस्था ‘लैकफेड’ ने भी गौर नहीं किया। इसी का नतीजा है कि सीवर लाइन ब्लॉक हो गई। पिछले दो-तीन महीने से सीवेज परिसर की लाइन में ही फंसी है और एक महीने से हालत तो यह हो गई है कि यह डिप से निकलकर ग्राउंड पर फैल रही है। टीबी वार्ड में भर्ती नवादा के वसीम कहते हैं, ‘इतनी बदबू है कि खाना खाते वक्त तो नाक बंद करनी पड़ती है। कई बार तो मतली आ जाती है।’ इसी वार्ड में रामपाल भर्ती हैं। उनकी पत्नी हरवती कहती हैं, ‘इस गंदगी से तो यहां रहना मुश्किल हो गया है। कई बार कर्मचारियों और डॉक्टरों को सभी मरीज बता चुके हैं, लेकिन गंदगी जस की तस है। हाल यह है कि अंदर के टॉयलेट भी इस्तेमाल नहीं किए जा सकते।’


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सीवर लाइन को ठीक करने के लिए नगर निगम को लिखा, लेकिन उनकी जेटिंग मशीन में कोई समस्या आ गई है। इसलिए अभी तक यह साफ नहीं हो पाई है। बर्न वार्ड की नई बिल्डिंग सीवर लाइन के ऊपर बना दी गई, जिससे यह ब्लॉक हो गई। कार्यदायी संस्था लैकफेड को भी हल निकालने को कहा गया है। जिला स्वास्थ्य समिति को भी सीएमओ के मार्फत पत्र भेजा है कि नई लाइन के लिए धन स्वीकृत कर दें। जल्दी ही कोई न कोई हल निकलने की उम्मीद है।-डॉ. एके जैन, सीएमएस, जिला अस्पताल

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निर्माण की योजना बनाते समय सीवर लाइन का ध्यान नहीं रखा गया। एक महीने पहले ही मैंने चार्ज संभाला है, फाइल देखी तो उसमें भी सीवर लाइन का कहीं जिक्र नहीं था। अब तो बजट मिलने पर ही काम कराया जा सकता है।-मोहित शर्मा, जेई, लैकफेड


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तात्कालिक तौर पर राहत देने के लिए सोमवार को जेटिंग मशीन को मौके पर ले जाएंगे। किला में इस मशीन का पाइप फंस जाने से जेटिंग मशीन को वहां नहीं ले जा पाए। गाजियाबाद से अब नया पाइप आ चुका है। बिल्डिंग के नीचे सीवर लाइन दब गई है तो नई लाइन डालनी होगी। बिहारीपुर की चोक मेन लाइन की मरम्मत का काम भी एक-दो दिन में शुरू हो जाएगा।-एवी राजपूत, कार्यवाहक महाप्रबंधक, जलकल

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टीबी और आईसोलेशन वार्ड में रखे गए मरीजों के आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसा न होने पर मरीजों को दिक्कत हो सकती है।- डॉ. आरके सक्सेना, पूर्व सीएमएस, जिला अस्पताल

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