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अब चल सकेंगे ये पोलियोग्रस्त बच्चे

Bareilly Updated Sun, 10 Feb 2013 05:32 AM IST
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बरेली। पोलियो ने तो उन्हें जिंदगी भर के लिए अपाहिज बना दिया था, लेकिन लायंस क्लब बरेली मेल्विन जोन्स ने उनके जीवन की राहें काफी हद तक आसान कर दीं। नब्बे ऐसे बच्चे अब अपने पैरों पर चल सकेंगे जो अभी तक बमुश्किल घिसटकर चल पाते थे। देश के चुनिंदा विशेषज्ञ डॉक्टर इन बच्चों का ऑपरेशन करने यहां पहुंचे हैं। सबसे बड़ी बात यह कि इस ऑपरेशन के लिए उनके गरीब मां-बाप को कुछ खर्च भी नहीं करना पड़ेगा।
पीलीभीत रोड स्थित एसएस हॉस्पिटल में लगे इस कैंप में ढाई सौ पोलियोग्रस्त बच्चों का परीक्षण करने के बाद उनमें से नब्बे का ऑपरेशन के लिए चयन किया गया था। शुक्रवार को गोरखपुर से आए डॉ. राम औतार अग्रवाल के निर्देशन में इन बच्चों के ऑपरेशन शुरू कर दिए गए। शनिवार शाम तक रांची से आए डॉ. एके पांडेय, कुरुक्षेत्र से आए डॉ. एस भोला, डॉ. एसके मल और उनकी टीम आधे से ज्यादा बच्चों के ऑपरेशन कर चुकी थी। बाकी बच्चों के ऑपरेशन रविवार को किए जाएंगे।

इससे पहले शनिवार सुबह शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने ऑपरेशन कैंप का शुभारंभ किया। उन्होंने लायंस क्लब के इस शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कैंप निश्चित रूप से विकलांगता खत्म करने में मील के पत्थर साबित होंगे। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर इन्वर्टिस विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. उमेश गौतम और क्लब के पूर्व मंडलाध्यक्ष काशीनाथ शर्मा भी मौजूद रहे। कैंप के प्रायोजक गट्टूमल परिवार के राजेंद्र अग्रवाल और परमजीत सिंह ने भविष्य में भी इन कैंपों में सहयोग का वायदा किया। कैंप के संयोजक और सहसंयोजक डॉ. सुबोध दीक्षित और राकेश अग्रवाल ने बताया कि इस तरह के आपरेशन बरेली और तीन सौ किलोमीटर के दायरे में कहीं नहीं होते। इसी दृष्टि से यह कैंप आयोजित किया गया है।

सही समय पर ऑपरेशन कराना जरूरी
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. राम औतार अग्रवाल ने बताया कि पोलियो तो भारत से मिटने के कगार पर है, लेकिन खत्म होने से पहले यह तमाम बच्चों को अपना शिकार बना चुका है। अगर सही समय पर अच्छे डॉक्टर से ऑपरेशन कराया जाए तो उनकी विकलांगता दूर हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसके लिए पोलियोग्रस्त बच्चों के मां-बाप को जागरूक किया जाना भी जरूरी है।

मरीजों-तीमारदारों का खाना-रहना भी मुफ्त
विकलांगता निवारण शिविर में ऑपरेशन पूरी तरह निशुल्क हो रहे हैं। लायंस क्लब के राकेश बूबना ने बताया कि मरीजों और तीमारदारों के रहने-खाने के अलावा दवाओं का खर्च भी क्लब खुद उठा रहा है। ऑपरेशन के महीने भर फिर मरीजों का निशुल्क परीक्षण किया जाएगा। क्लब यह कैंप दो सालों से आयोजित कर रहा है। पिछले दो सालों में पांच सौ मरीजों के परीक्षण के बाद 190 का अपरेशन किया गया था। अब ये सभी आराम से अपने पैरों पर चल रहे हैं।

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