यात्री बेहाल, एक तो दिल्ली का डंडा दूसरा ये कोहरा

Bareilly Updated Tue, 25 Dec 2012 05:30 AM IST
बरेली। यात्रियों के लिए सफर करना दुश्वार हो रहा है। चाहे वह रेल हो या बस। यात्री बेहाल हैं। एक तो दिल्ली जाने से लोगों को रोका जा रहा है। दूसरा कोहरा कहर ढ़ाह रहा है। मुरादाबाद जिलाधिकारी ने तुगलकी फरमान जारी करते हुए लखनऊ दिशा की ओर से दिल्ली जाने वाली रोडवेज की बसों को शहर में घुसने पर रोक लगा दी है। इसके लखनऊ, हरदोई और बरेली रोडवेज की आमदनी घट गई। यात्रियों को भी इससे काफी दिक्कतें हो रही हैं। बरेली क्षेत्र की बसों में फाग लाइटें और वाइपर तक नहीं हैं। इसकी वजह से संभल और नरौरा में दो रोडवेज की बसें पलट गई है। इसमें कई यात्री चोटिल भी हुए हैं।

डीएम से बात करने पर भी नहीं निकला नतीजा
मुरादाबाद के डीएम के फरमान पर पुलिस लखनऊ, सीतापुर, पीलीभीत शाहजहांपुर, बदायूं, हरदोई, फर्रुखाबाद, कानपुर, बरेली आदि जिलों और उत्तराखंड से बरेली होकर दिल्ली जाने वाली रोडवेज बसों को शहर में नहीं घुसने दिया जा रहा है। डीएम से आरएम की वार्ता के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला है।
बाहर की बसों को हनुमान मूर्ति पर रोककर पंडितनगला के रास्ते कोहिनूर तिराहे से दिल्ली बाइपास को निकाल दिया जाता है। हनुमान मूर्ति से बस अड्डा करीब दो किलोमीटर दूर है। वहां से आटो किराए पर लेकर ही यात्री शहर में पहुंच पाते हैं। कुछ बसों के चालक तो जीरो प्वाइंट बाइपास से ही बाहर होकर सीधे पाकबड़ा होकर हाईवे पर पहुंच जाते हैं। इससे लखनऊ दिशा से दिल्ली रूट को जाने वाली बसों से मुरादाबाद जाने वाले यात्रियों में बेहद परेशानी हो रही है। साथ ही बरेली और आसपास के तमाम डिपो की आमदनी घटी है। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की पीलीभीत शाखा के अध्यक्ष हरजीत सिंह दिल्ली के लिए बस लेकर जा रहे थे। उसमें दिल्ली की सिर्फ तीन सवारी बैठी थीं। बरेली के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके बोस इस समस्या से निपटने के लिए मुरादाबाद के डीएम से बात करने गए थे। लेकिन उनकी वार्ता के भी कोई हल नहीं निकल सका। आरएम ने बताया कि शहर में बाहर की रोडवेज बसों को मुरादाबाद के डीएम ने जाम की समस्या से निपटने से लिए जाने से रोका है। इस संबंध में हमारी उनसे बात हुई है। कुछ बसों की एंट्री उन्होंने खोलने का आश्वासन दिया है।

वाइपर न होने से दो बसें पलटीं, कई जख्मी
बरेली क्षेत्र की रोडवेज बसों में शीशों पर वाइपर और फाग लाइटें न होने से कोहरे में हादसे हो रहे हैं। दो बसें पलट जाने से कई लोग घायल हो गए हैं। लेकिन परिवहन विभाग के अधिकारियों को इसकी कोई परवाह नहीं है।
रविवार को बरेली क्षेत्र की बस संख्या यूपी 25एटी 9707 चालक कुंवरपाल सिंह वापस लेकर बरेली आ रहे थे। बस की हालत इतनी खराब थी कि उसमें वाइपर तक नहीं लगे थे। कोहरे में शीशा अंधा हो जाने पर चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया। इस पर बस सड़क किनारे खाई में गिर गई। शुक्र यह रहा कि बस में सर्दी की वजह से यात्री कम थे। सभी की जान बच गई। उन्हें मामूली चोटें आई हैं। चालक बस वहां से ले आया है। इसी तरह 20 दिसंबर को हसनपुर-संभल रोड पर कोहरे की वजह से भट्टे के पास रोडवेज बस संख्या यूपी-25 1694 पलट गई। इस बस को चालक जितेंद्र वर्मा चला रहे थे। हादसे के दौरान बस में 12 यात्री सवार थे। उनमें से कई चोटिल हो गए थे। वहां से दूसरी बस में सवार करके उन्हें प्राथमिक उपचार कराकर भेज दिया गया। इस बस में भी न तो फाग लाइट लगी थी और न ही इसका वाइपर काम कर रहा था। उधर आरएम का कहना है कि बसों में फाग लाइटों और वाइपर की जरूरत नहीं है। अब को बल्ब ऐसे आ रहे हैं कि हर मौसम में काम करते हैं।

-मुरादाबाद जाना था, लेकिन यहां परिचालक पहले ही यह बता देते हैं कि बाहर की उतरना होगा। इसकी वजह से परेशानी हो रही है- बंसतलाल

-कोहरे की वजह से ट्रेनों में सफर करना तो मुश्किल है ही, रोडवेज बसों से भी मुरादाबाद जाना मुश्किल हो रहा है। परिचालक बताते हैं कि अंदर नहीं जाएंगे--नवीन त्रिवेदी

- रोडवेज बसों के परिचालक कह रहे हैं कि मुरादाबाद शहर में हम नहीं जाएंगे। बाईपास पर उतरना हो तो बैठ जाना, इससे तमाम लोग परेशान हैं--जमील अहमद

-परिवहन निगम की बसों से मुरादाबाद शहर जाने का सफर ही मंहगा हो गया है। बस में बैठ भी जाओ तो शहर के बाहर की उतार दिया जाता है- शमशाद

रोजाना डेढ़ लाख का नुकसान
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एमवी नाटू ने बताया कि बरेली क्षेत्र की करीब 100 बसें रोजाना मुरादाबाद होकर दिल्ली जाती थीं। मुरादाबाद का 125 रुपये कि राया है। इससे हर बस में करीब 1500 रुपये के यात्री सफर करके मुरादाबाद पहुंचते हैं। इससे करीब डेढ़ लाख रुपये रोजाना का उन्हें नुकसान हो रहा है। 25 बसें कोहरे की वजह से लो ट्रैफिक में रोकी जा रही हैं

जिलेवार बसों की संख्या
बरेली- 300
पीलीभीत-70
बदांयू -110

कोहरे में ट्रेनें लेट होने से यात्री परेशान
बरेली। कोहरे में ट्रेनें भी देरी से चल रही है। इसकी वजह से भी लोगों को काफी दिक्कतें हो रही है। बरेली से आने जाने लोगों को ट्रेनों की रफ्तार कम होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
डाउन लाइन की अर्चना एक्सप्रेस को 8.23 बजे आना था। लेकिन वह 6 घंटे देरी से चली। जनसेवा एक्सप्रेस को 18.02 जंक्शन पर आना था। यह ट्रेन आठ घंटे देरी से पहुंची। हिमगिरी एक्सप्रेस का यात्री 11.23 बजे इंतजार करते रहे। लेकिन ट्रेन 7.15 बजे देर से पहुंची। कोलकत्ता वाया गया सियालदाह 12.20 बजे पर बरेली आनी थी। लेकिन 2 घंटे लेट चल रही थी। गोवाहाटी वाया गोरखपुर को 12.55 बजे जंक्शन पहुंचना था। लेकिन 2.30 घंटे देर से आई। अप लाइन की ऊंना हिमांचल एक्सप्रेस देर से आने की वजह से सोमवार को भी 2.30 बजे के बजाए शाम चार बजे रवाना हो सकी। इसके अलावा जननायक, सियालदाह, त्रिवेणी और बरेली-बनारस पैसेंजर ट्रेन भी देर से चलने पर यात्रियों को काफी इंतजार करना पड़ा।

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