पांचवें दिन भी कामकाज ठप

Bareilly Updated Thu, 20 Dec 2012 05:31 AM IST
बरेली। आरक्षण के अंदर आरक्षण के मुद्दे को लेकर पांचवें दिन भी कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर दिया और सभी विभागों में दिनभर ताला लटकता रहा। विकास भवन, कलेक्ट्रेट, शिक्षा, बिजली, शिक्षा समेत तमाम विभागों के सैकड़ों कर्मचारी तहसील में जुटे और दो घंटे तक सभा चलती रही। इसके बाद सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के नेतृत्व में कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट से लेकर चौकी चौराहे होते हुए कैंट विधायक राजेश अग्रवाल के आवास तक पैदल मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट और तहसील में कोई कामकाज नहीं हो सका। फरियादियों को मायूस लौटना पड़ा।
प्रमोशन में आरक्षण को लेकर कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इससे चार-पांच दिनों से कामकाज एकदम ठप पड़ गया है। कई योजनाओं पर भी इसका असर पड़ा है और हड़ताल की वजह से अफसर भी नहीं बैठ रहे हैं। इससे तहसील और कलेक्ट्रेट में दूरदराज से आए तमाम लोगों को लौटना पड़ा। बुधवार को एडीएम दफ्तर में कोई कामकाज नहीं हुआ, तहसील के सभी कोर्ट और अन्य विभागों में कर्मचारियों ने ताले जड़ दिए। बिजली कर्मचारियों ने चीफ इंजीनियर पीके गुप्ता और अधीक्षण अभियंता बीपीसी सक्सेना और देहात के अधीक्षण अभियंता अनिल सक्सेना से कामकाज बंद करने का आग्रह किया, जिसे उन्होंने मान लिया।
तहसील में सभा करने के बाद कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट से कैंट विधायक राजेश अग्रवाल के आवास तक पैदल मार्च निकाला। राजेश अग्रवाल ने कहा कि वह पूरी तरह से कर्मचारियों के साथ हैं और लोकसभा में बिल के पास न होने की उम्मीद जताई। इसके बाद कर्मचारी पूर्व सांसद संतोष गंगवार के घर पहुंचे और उनसे कहा कि आपकी पार्टी अस्सी प्रतिशत सवर्णों के साथ क्यों नहीं आ रही है। कर्मचारियों ने नाराजगी से कहा कि आने वाले चुनाव में कर्मचारी भाजपा का विरोध करेंगे। संतोष गंगवार ने कर्मचारियों की चिंताओं को सही ठहराया। उन्होंने इस बिल के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार माना। कर्मचारियों ने काफी देर तक धरना प्रदर्शन किया। सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के संरक्षक डीएन शर्मा, राजेंद्र घिल्डियाल, प्रवीण जौहरी, जेपी पांडेय और जेएन सिंह आदि के साथ तमाम कर्मचारी जुटे रहे।

‘निश्चित रूप से हम कर्मचारियों के साथ हैं। इस नई सामंती वादी व्यवस्था से देश के गिने चुने परिवारों को ही फायदा होने वाला है। इस बिल को संसद की प्रवर समिति को सौंपा जाना चाहिए। पूरी उम्मीद है कि बिल लोकसभा में पारित नहीं हो पाएगा।’ राजेश अग्रवाल, कैंट विधायक

‘कर्मचारी आवास पर आए थे, हमारी चिंता उनके साथ है, पार्टी भी प्रमोशन में आरक्षण को लेकर कर्मचारियों के साथ है। हमने सूबे के सभी विधायकों को दिल्ली बुलाया है। वहीं इस पर चिंतन किया जाएगा।’ - संतोष गंगवार, पूर्व सांसद





इनपुट : स्ट्राइक इम्पैक्ट

... मानो रुक गया वक्त का पहिया
बरेली। कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से विकास कार्यों से संबंधित फाइलें जहां की तहां रुक गई हैं। जरूरी रिपोर्ट भी इधर से उधर नहीं जा पा रही हैं। मंगलवार को तहसील सदर में हुए विवाद के बाद आरक्षण समर्थक भी अपनी सीट पर नहीं बैठ रहे हैं। नतीजतन, अफसर भी थोड़ी-बहुत देर काम करके दफ्तर से चले जा रहे हैं।
सांसद और विधायक निधि के 136 कामों के लिए टेंडर निकाले गए थे, लेकिन रेट बढ़ाने की मांग करते हुए इन्हें एक भी ठेकेदार ने नहीं खरीदा। ये काम आरईएस को कराने हैं। रेट रिवाइज्ड करने और दुबारा टेंडर निकालने की प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन हड़ताल की वजह से कुछ नहीं हो पा रहा है। डीआरडीए के एक बाबू ने बताया कि मनरेगा से संबंधित कुछ जरूरी जानकारियां शासन ने मांगी थीं, लेकिन इन्हें अभी तक नहीं भेजा जा सका है। संबंधित कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने कंप्यूटर को हाथ लगाने से तक इनकार कर दिया। डीडीओ ने कुछ समय पहले हर सेक्रेटरी के लिए चार गांव दिए जाने का आदेश जारी किया था। इस पर अमल के बाबत डीएम को रिपोर्ट भेजी जानी है, लेकिन ब्लॉक मुख्यालयों से सूचना ही नहीं आ पा रही है। समाज कल्याण विभाग में पेंशन और वजीफे से संबंधित फाइलें भी आगे नहीं बढ़ पा रही है। अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में कामकाज ठप हो गया है। अर्थ एवं संख्या विभाग के कुछ कर्मचारी काम कर रहे थे, लेकिन तहसील सदर में मंगलवार को आरक्षण समर्थकों और विरोधियों के बीच हुई झड़प के बाद बुधवार को उन्होंने भी काम नहीं किया।

Spotlight

Most Read

Lucknow

अखिलेश यादव का तंज, ...ताकि पकौड़ा तलने को नौकरी के बराबर मानें लोग

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा देश की सोच को अवैज्ञानिक बताना चाहती है।

22 जनवरी 2018

Related Videos

शाहजहांपुर के अटसलिया गांव में नहीं हो रही लड़कों की शादी, ये है वजह

केंद्र सरकार खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यूपी के शाहजहांपुर जिले में एक गांव ऐसा है जहां महिलाओं को आज भी खुले में शौच जाना पड़ता है।

20 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper