मजदूरों के लड़ने का वक्त आ गया

Bareilly Updated Mon, 03 Dec 2012 05:30 AM IST
बरेली। सरकारी योजनाओं का फायदा असली हकदारों तक पहुंचाने के लिए ट्रेड यूनियंस फेडरेशन लड़ाई लड़ेगी। लोगों को इन योजनाओं की जानकारी देने के लिए एक अभियान भी चलाया जाएगा। ‘असंगठित एवं औद्योगिक मजदूर आंदोलन के सामने चुनौतियां’ विषय पर आयोजित सेमीनार इसी नतीजे के साथ खत्म हुई।
सीटू के जिलाध्यक्ष कामरेड पीएल शर्मा ने कहा कि बंद होते कारखाने, बढ़ती महंगाई और हर साल बन रहे मजदूर विरोधी कानूनों के खिलाफ आवाज उठाने का वक्त आ गया है। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़वाना, राष्ट्रीय सुरक्षा फंड का निर्माण और उन्हें सामाजिक सुरक्षा दिलाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। इंटक जिलाध्यक्ष सतीश मेहता ने कहा कि आंदोलन को जिंदा रखना सबकी साझी जिम्मेदारी है। बीटीयूएफ के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के साथ संगठित क्षेत्र के मजदूर भी सबसे बुरे दिनों का सामना कर रहे हैं। नरमू अध्यक्ष मुकेश सक्सेना ने सरकारी योजनाओं का लाभ आम आदमी को दिलाने पर जोर दिया। लक्ष्मण सिंह राना ने पल्लेदारों की दुश्वारियों को रखा। संचालन राजीव शांत ने किया। मास्टर प्रताप सिंह, हरीश पटेल, जगदीश गंगवार, अतुल शर्मा, शिशु पाल, कृष्ण पाल, महेश गंगवार, सतीश, सूर्य प्रकाश आदि मौजूद रहे।

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