अब छह कैटेगिरी के विकलांग ही रोडवेज बसों में मुफ्त में करेंगे सफर

Bareilly Updated Sun, 02 Dec 2012 05:30 AM IST
बरेली। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में अब सिर्फ छह श्रेणी के विकलांगों को ही मुफ्त सफ र करने की सुविधा मिल पाएगी। समाज कल्याण विभाग के परिवहन निगम के बिलों का भुगतान करने से इंकार करने के बाद हुए इस फैसले से प्रदेश के लाखों विकलांगों को बसों में मुफ्त सफर करने का लाभ मिलना बंद हो गया है।
परिवहन निगम की बसों में अब तक ऐसे सभी विकलांगों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही थी, जिनकी विकलांगता 40 फीसदी के ऊपर थी। उनके साथ एक साथी को भी सफर करने की इजाजत थी। विकलांगों को यह सुविधा देने पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति समाज कल्याण विभाग करता था। इस साल परिवहन निगम ने समाज कल्याण को इसी प्रतिपूर्ति के लिए बीस करोड़ के बिल भेजे थे, लेकिन समाज कल्याण ने चार करोड़ से ज्यादा का भुगतान करने से इनकार कर दिया। लिहाजा परिवहन निगम को विकलांगों के किराये की रकम की प्रतिपूर्ति नहीं हो पाई।
समाज कल्याण विभाग के अफसरों ने परिवहन निगम को यह भी बताया कि वह छह श्रेणी के अलावा किसी भी श्रेणी के विकलांग के मुफ्त सफर करने का भुगतान नहीं करेंगे। इस पर परिवहन निगम ने इन छह श्रेणियों के अलावा बाकी सभी विकलांगों को मुफ्त यात्रा की सुविधा देनी बंद कर दी। शनिवार को बरेली के क्षेत्रीय प्रबंधक ने जिला विकलांग कल्याण अधिकारी से छह श्रेणी के विकलांगों की सूची मांगी है। परिवहन विभाग के सूत्रों के मुताबिक सूची मिलने के बाद परिवहन विभाग छह श्रेणी के अधिकृत विकलांगों को यात्रा करने के लिए खुद परिचय पत्र जारी करेगा।

बसों में शुरू हुए विवाद
एआरएम नीरज अग्रवाल ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद रोडवेज बसों में सफर करने वाले विकलांगों से परिचालकों के विवाद हो रहे हैं। लेकिन अब मुफ्त में सफर करने के लिए विकलांगों को सीएमओ के विकलांग प्रमाण पत्र के अलावा जिला विकलांग कल्याण अधिकारी के काउंटर साइन और रजिस्ट्रेशन नंबर भी लेना होगा।


इसेंट
अब सिर्फ इन्हें मुफ्त यात्रा
1-पूर्ण रूप से नेत्रहीन या ऐसे लोग जिन्हें न के बराबर दिखता हो, वे एक सहवर्ती के साथ सफर कर सकते हैं।
2-जिनके एक हाथ और एक पैर या दोनों हाथ और दोनों पैर कटे हों, वे भी सहवर्ती के साथ सफर कर सकते हैं।
3-जिनका एक और एक पैर लकवा मार गया हो, वे एक सहवर्ती के साथ सफर कर सकते हैं।
4- मंदबुद्धि वाले विकलांग भी एक सहवर्ती के साथ रोडवेज बसों में सफर कर सकते हैं।
5-पूर्ण रूप से मूक और बाधिर हों और बोल न पाते हों, मगर सहवर्ती को साथ लेने की अनुमति नहीं होगी।
6-कुष्ठ रोगी भी रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा कर सकते हैं, लेकिन सहवर्ती को नहीं ले जा सकेंगे।

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