36 केंद्र, 79 हजार टन का लक्ष्य, मगर खरीदा गया महज 1100 टन धान

Bareilly Updated Mon, 05 Nov 2012 12:00 PM IST
बरेली। सपा सरकार की मंशा है कि धान की ज्यादा से ज्यादा सरकारी खरीद हो। लेकिन, हमारे जिले में इसकी एकदम उलट स्थिति है। शनिवार तक सिर्फ 1100 टन धान की ही खरीद हुई। कमिश्नर की समीक्षा बैठक में लताड़ लगाए जाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है और तमाम केंद्र अभी भी बंद पड़े हैं। तमाम केंद्र ऐसे भी हैं, जहां वारदाना तो है, लेकिन स्टाफ नहीं। पांच-पांच दिन से किसान अपना धान लिए केंद्रों पर हैं, मगर तौल नहीं हो पा रही है। इस बदइंतजामी पर ध्यान देने के बजाय अफसर नए केंद्र खोलकर खरीद का लक्ष्य पूरी करने की जुगत में हैं। जबकि किसानों का कहना है कि क्रय केंद्रों पर तैनात कर्मचारी और अधिकारी बिचौलियों से धान खरीदना चाहते हैं, इसलिए आम किसानों का धान खरीदने में वे काफी उदासीनता दिखा रहे हैं।
बहेड़ी संवाददाता के मुताबिक, मंडी समिति, बहेड़ी में धान खरीद के लिए दो सेंटर खोले गए हैं। इनमें से एक सेंटर एसएफसी का है, जिस पर शुक्रवार को पहली बार खरीद हुई। अगले ही दिन यानी शनिवार को यह बंद रहा। दूसरा सेंटर आरएफसी का है, जिस पर अभी तक सिर्फ 583 क्विंटल 20 किलो धान की खरीद ही हुई है। यहां मिले कई किसानों ने बताया कि आठ दिन से अपना धान लिए पड़े हैं, लेकिन इसे तौला नहीं जा रहा है। आरएफसी के सेंटर पर मौजूद कर्मचारी ने बताया कि पिछले दिनों खरीदा हुआ धान उठ नहीं रहा है, इसलिए अब आने वाले किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है। यह भी बताया कि माल उठाने का ठेका शुक्रवार को ही हुआ है। इसलिए अब तौल समय से हो सकेगी।
नवाबगंज संवाददाता के मुताबिक, तहसील क्षेत्र में दस धान खरीद केंद्रों में से दो पर ही खरीद शुरू हुई है। आठ क्रय केंद्र तो अभी तक कागजों में ही खुल पाए हैं। मार्केटिंग के एक केंद्र पर तीन दिन में पांच किसानों से 552 क्ंिवटल और आवश्यक वस्तु निगम के केंद्र पर 595 क्विंटल धान खरीदा गया। बरखन, क्योलड़िया, परसरामपुर, पृथ्वीपुर नवदिया, भौआ बाजार, अम्बरपुर, कुन्दमन, खमरिया, नकटी नरायनपुर और सेंथल के क्रय केंद्रों पर किसान पहुंचते हैं, लेकिन वहां किसी के मिलने पर बैरंग लौट जाते हैं। एसएमआई मनोज श्रीवास्तव ने भी स्वीकार किया कि आठ क्रय केंद्रों ने उन्हें खरीद की कोई सूचना नहीं भेजी है। इनका शुरू न होना गंभीर बात है।
आंवला संवाददाता के मुताबिक, तहसील क्षेत्र में खुले तीन धान क्रय केंद्रों में से दो पर धान की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। मात्र मंडी समिति में खुले केंद्र पर खरीद हुई है। तहसील क्षेत्र के ब्लॉक आलमपुर जाफराबाद के गांव खेड़ा में यूपी एग्रो और देवचरा में पीसीएफ का केंद्र खुला है। ब्लॉक रामनगर और मझगवां के किसानों के लिए खाद्य एवं रसद विभाग का केंद्र मंडी परिसर में खोला गया है। एक अक्टूबर से खुले केंद्र पर 1428 क्विंटल धान की खरीद की गई है। हालांकि, देवचरा के ग्राम प्रधान अवध बिहारी ने अपने क्षेत्र में केंद्र खुलने की जानकारी होने से इंकार किया है। मीरगंज के एसडीएम ने अमर उजाला को बताया कि उनके तहसील क्षेत्र में एक भी केंद्र नहीं खुला है। फरीदपुर और सदर तहसील के क्रय केंद्रों का भी हाल भी इससे जुदा नहीं है।
जिला विपणन अधिकारी एसपी शर्मा ने बताया कि 36 केंद्र खुले हैं, जिन पर शनिवार तक 1100 टन धान की खरीद हुई थी। उन्होंने कहा कि इस सीजन में 79600 टन धान खरीदने का लक्ष्य है। इसे हासिल करने के लिए सोमवार तक 24 नए केंद्र खोले जाएंगे।

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