डेंगू की पुष्टि होते ही सरकारी अमला हुआ सक्रिय

Bareilly Updated Tue, 30 Oct 2012 12:00 PM IST
बरेली। जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भले ही अभी तक कोई संदिग्ध डेंगू पीड़ित भरती ना हुआ हो, लेकिन दो निजी अस्पतालों में भरती हुए शहर के दो इलाकों के मरीजों में डेंगू पाजिटिव की हुई पुष्टि ने जिला स्वास्थ्य विभाग के कान खड़े कर दिए हैं। पुष्टि संबंधी रिपोर्ट मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. विजय यादव ने सोमवार को नगर स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखा। उनसे भूड़ और सुरखा बानखाना क्षेत्र में तत्काल सघन फागिंग कराने को कहा है। ऐहतियातन शहर के दूसरे इलाकों में भी सघन फागिंग कराने की तैयारी है।
बता दें कि जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला संक्रामक रोग अधिकारी डा. एम. अब्बास ने निजी अस्पतालों से मिले 14 संदिग्ध डेंगू पीड़ितों के खून के नमूने को राज्य स्वास्थ्य निदेशालय (लखनऊ) के पास जांच के लिये भेजा था। वहां से जांच रिपोर्ट सोमवार को यहां पहुंची। इनमें से पांच में डेंगू होने की पुष्टि हुई है। इनमें भी दो (भूड़ निवासी जोयब खां और सुरखा बानखाना निवासी सत्येंद्र) बरेली शहर के निकले। यह जानकारी मिलते ही तत्काल जिले का स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया। सीएमओ डा. यादव खुद पूरे मामले पर पैनी निगाह रखे हुए हैं। अपर निदेशक (स्वास्थ्य) डा. आरसी डिमरी ने सोमवार को जिला अस्पताल में बने डेंगू वार्र्ड का निरीक्षण किया। कहा कि फिलहाल भले ही छह बेड हैं लेकिन अगर यहां मरीज आते हैं तो दो अतिरिक्त बेड लगाने की भी तैयारी कर ली गई है।

डेंगू पर डबल्यूएचओ का यह है सुझाव
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) ने डेंगू की पुष्टि होते ही पीड़ित के इलाके में सघन फागिंग सहित कई तात्कालिक कदम उठाने का सुझाव दिए थे। इसके तहत घरों में साफ जल जमाव का तुरंत निस्तारण पर विशेष जोर है।

कैसे करें बचाव
दिन में शरीर के अधिकाधिक भाग को ढंकने वाले कपड़े पहनें कारण इसे फैलाना वाला एडीज मच्छर दिन में ही डंक मारता है
घर में कहीं भी साफ पानी ज्यादा समय जमा न रहनें दे, कारक मच्छर साफ पानी पर ही अंडे देती है
कूलर, गमले और छत पर जमे पानी को तत्काल हटा दें। डेंगू मच्छर दिन में हाथ पैर पर ही काटता है। इसलिए पूरे कपड़े पहनकर रहना चाहिए।
पानी खूब पीयें, शंका होते ही इलेक्ट्राल - ओआरएच का घोल बनाकर लें ताकि खून गाढ़ा न हो पाए।

डेंगू के लक्षण
शुरू में यह वायरल सरीखा लगता है
बुखार, बदन दर्द, सिर दर्द के साथ ही प्यास ज्यादा लगती है, मुंह का स्वाद कड़वा हो जाता है
खून में प्लेटलेट्स काउंट कम होने लगता है
त्वचा पर चकत्ते पड़ने लगते हैं
शरीर में प्रकोप बढ़ने पर नाक - मुंह से खून बहना, मल का काला होना या अत्यधिक माहवारी होना

गंभीर डेंगू के लक्षण
हैमरेजिक बुखार के रूप धरते ही लीवर में सूजन की शिकायत होती है
ब्लड प्रेशर कम होने लगता है, बेचैनी - कमजोरी होने के साथ बेहोशी आने लगती है
शाक सिंड्रोम की हालत में पहुंचने पर पीड़ित का सांस फूलने लगता है और उसे डबल निमोनिया होता है

एक्सपर्ट कमेंट
डेंगू को जानलेवा समझकर डरने की जरूरत नहीं। जरूरी नहीं कि लक्षण डेंगू सा दिखे तो डेंगू ही हो। हां, तनिक भी इस रोग की शंका हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्र्क करें। चिकित्सकों को भी केस का सही विश्लेषण गहना से करना जरूरी होता है ताकि सही उपचार देकर मरीज को तत्काल राहत पहुंचाया जा सके। -- डा. सोमेश मेहरोत्रा, निदेशक, दीपमाला अस्पताल।

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