मिडडे मील देना मुमकिन नहीं

Bareilly Updated Fri, 26 Oct 2012 12:00 PM IST
बरेली। स्कूलों में बच्चों को मिडडे मील देना अब संभव नहीं रह गया है। वजह है पिछले छह महीनों से कन्वर्जन कास्ट का न मिलना। प्रधान संघ के अध्यक्ष की अगुवाई में विकास भवन आए प्रधानों ने यह बात कही। वे सीडीओ से मिलने आए थे, मगर दफ्तर में न होने की वजह से मुलाकात नहीं हो सकी। अपना ज्ञापन दफ्तर में देकर चले गए।
संघ के अध्यक्ष नियाज अहमद का कहना था कि ज्यादातर स्कूलों में मिडडे मील ठीक से नहीं बन पा रहा है। नतीजतन, बच्चे भूखे रह रहे हैं। इसके लिए प्रधान या हेडमास्टर नहीं, बल्कि अफसर जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया कि छह महीने से कन्वर्जन कॉस्ट का इंतजाम प्रधान अपने पास से कर रहे हैं। इतने अमीर प्रधान भी नहीं हैं कि आगे भी इसी तरह से इस योजना को जारी रख सकें। इसलिए या तो प्रशासन मिडडे मील योजना को बंद करवा दे या फिर समय से कन्वर्जन कॉस्ट दे। उन्होंने बताया कि कई स्कूलों से सिलेंडर और बर्तन चोरी हो गए, लेकिन उन स्कूलों में इनकी व्यवस्था अभी तक नहीं की गई है। छह महीने से रसोइये के मानदेय का भी भुगतान नहीं हुआ है।

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