सभासदों ने सपा नेताओं को खरीखोटी सुनाई

Bareilly Updated Mon, 08 Oct 2012 12:00 PM IST
बरेली। नगर निकाय चुनाव के बाद अपने सभासदों के बीच गुटबाजी की स्थिति झेल रही समाजवादी पार्टी को रविवार को फिर एक झटका लगा। पार्टी के जिला महासचिव ने सभासदों को मेयर हाउस में बैठक का न्योता दिया, लेकिन वहां पहुंचे सभासदों को मेयर ही गायब मिले तो वे उखड़ गए। सभासदों ने मेयर हाउस पर मौजूद पार्टी नेताओं को जमकर खरीखोटी सुनाई।
जिला महासचिव प्रमोद बिष्ट ने मेयर हाउस के फोन से रविवार सुबह पार्टी के सभी सभासदों को फोन करके शाम चार बजे मेयर हाउस पहुंचने को कहा था। सभासद समझे कि मेयर उनसे बात करना चाहते हैं, लिहाजा पार्टी के 36 में से ज्यादातर सभासद मेयर हाउस पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें सिर्फ जिला महासचिव प्रमोद बिष्ट, शुभलेश यादव और अशोक सक्सेना ही मिले। सभासदों ने मेयर के बारे में पूछा तो बताया गया कि उन्हें अचानक फीरोजाबाद जाना पड़ गया। कुछ ही देर बाद पार्टी नेताओं ने सभासदों से आपसी गुटबंदी खत्म करने आह्वान किया तो वे भड़क उठे। जवाब आया कि पहले तो पार्टी के नेता आपस में एकजुट हों। सभासदों को तो बेवजह बदनाम किया जा रहा है। सभासदों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि जब उन लोगों को बुलाया गया तो सभासद दल के नेता राजेश अग्रवाल को क्यों न्योता नहीं दिया गया।
प्रमोद बिष्ट और दूसरे नेताओं ने सफाई दी कि बैठक में बुलाने का कोई खास मुद्दा नहीं था। सभासदों को वे सिर्फ चाय-पानी पर बुलाना चाहते थे। लेकिन फिर भी इन नेताओं को सभासदों ने काफी खरीखोटी सुनाई। कई सभासदों ने अपने क्षेत्र में विकास कार्य स्वीकृत न होने पर भी गुस्सा उतारा। कुदेशिया फाटक पर ओवरब्रिज के मसले पर सभासदों की कोई राय न लेने पर भी नाराजगी जाहिर की।

मेयर हाउस पर मीटिंग बुलाए जाने के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैं तो वैसे ही शहर से बाहर हूं लिहाजा मेरे स्तर से सभासदों की बैठक बुलाने का सवाल ही नहीं उठता। -डॉ. आईएस तोमर, मेयर
इस तरह सभासदों को परेशान करना ठीक नहीं। मेयर की गैरमौजूदगी में दूसरे लोगों का बैठक बुलाना खराब बात है। कुछ लोग सभासदों के बीच एकता नहीं बने रहने देना चाहते। -राजेश अग्रवाल, सभासद दल नेता

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