ट्रैक्टर-ट्रालियों को कोई मायने नहीं रखते कायदे-कानून

Bareilly Updated Thu, 04 Oct 2012 12:00 PM IST
बरेली। ट्रैक्टर-ट्राली वालों की मनमानी और इसकी वजह भी साफ है। इनके लिए कायदे-कानून कोई मायने नहीं रखते हैं। दरअसल, पालन कराने वाले ही जब धज्जियां उड़वाने पर आमादा हैं तो भला उम्मीद भी क्या की जा सकती है। शुल्क बचाने को ट्रैक्टर मालिक पंजीकरण तो खेती के काम के लिए कराते हैं और फिर प्रयोग भाड़े पर ढुलाई के लिए करते हैं। तेज और अनियंत्रित गति से दौड़ने वाले ट्रैक्टर-ट्रालियों को नो एंट्री जोन में घुसने पर भी कोई पाबंदी नहीं है।
सुबह सात से दोपहर बाद तीन बजे और शाम पांच से रात नौ बजे तक संजयनगर मिनी बाईपास रोड पर भारी वाहनों के लिए नो एंट्री रहती है। इसका अमल कराने को पीलीभीत बाईपास तिराहा और संजयनगर श्मशान भूमि के पास ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी रहती है। लिहाजा अब नो एंट्री जोन में जाने के लिए ट्रैक्टर चालकों ने सुरेशशर्मा नगर के अंदर से होकर नया रास्ता खोज निकाला है। मंगलवार को संजयनगर, गोपालनगर में रामदयाल के इकलौते बेटे सूरज को कुचलने वाली ट्रैक्टर-ट्राली भी इसी रास्ते से गुजरी थी। इससे पहले 15 सितंबर को बीसलपुर रोड पर नकटिया पुल के पास रेता भरे ट्रैक्टर-ट्राली ने युवक को कुचल दिया था।
संजय नगर और आसपास के इलाकों में मिट्टी ढोने वाले ट्रैक्टर-ट्राली पीलीभीत रोड, बीसलपुर रोड और डोहरा रोड से होकर आते-जाते हैं। पीलीभीत रोड पर बैरियर वन, बीसलपुर रोड पर रुहेलखंड और डोहरा रोड पर टीपीनगर पुलिस चौकी है। ज्यादातर ट्रैक्टर पर रजिस्ट्रेशन नंबर तक दर्ज नहीं रहता। चालक भी अप्रशिक्षित और बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाले होते हैं। अक्सर रात में बीसलपुर चौराहा और पीलीभीत बाईपास रोड पर परिवहन विभाग के अफसर चेकिंग भी करते हैं लेकिन मिट्टी ढोने वाले ट्रैक्टर-ट्राली को बेरोकटोक गुजरने की छूट रहती है। ट्रैफिक इंस्पेक्टर रमेशचंद्र त्रिपाठी के मुताबिक नो एंट्री जोन में पकड़े जाने वाले बड़े वाहनों का चालान किया जाता है। आगे कार्रवाई और तेज की जाएगी।

Spotlight

Most Read

Madhya Pradesh

MP निकाय चुनाव: कांग्रेस और भाजपा ने जीतीं 9-9 सीटें, एक पर निर्दलीय विजयी

मध्य प्रदेश में 19 नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्ष पद पर हुए चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

20 जनवरी 2018

Related Videos

शाहजहांपुर के अटसलिया गांव में नहीं हो रही लड़कों की शादी, ये है वजह

केंद्र सरकार खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यूपी के शाहजहांपुर जिले में एक गांव ऐसा है जहां महिलाओं को आज भी खुले में शौच जाना पड़ता है।

20 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper