लुटेरों ने रेकी कर दिया घटना को अंजाम

Bareilly Updated Wed, 03 Oct 2012 12:00 PM IST
बरेली। लुटेरे हनीफ की सालों की कड़ी मेहनत के बाद इकट्ठी की गई पूरी कमाई को एक झटके में ले गए। घटना को जिस ढंग से अंजाम दिया गया, उससे साफ है कि लुटेरों ने सर्राफ की पहले अच्छी तरह रेकी की थी। उन्होंने सर्राफ के पास दो बैग में जेवर और नगदी होने की पक्की जानकारी थी।
पीर बहोड़ा निवासी हनीफ तीन भाइयों में दूसरे नंबर के है। बड़े भाई अनीस की पीर बहोड़ा में सर्राफा और छोटे भाई इकरार की दवा की दुकान है। हनीफ अपने परिवार के साथ दोनों भाइयों से अलग रहते हैं। उनके परिवार में पत्नी तहवीना, आठ वर्षीय बेटा शाहिद रजा और सात वर्षीय बेटी जैनब है। सर्राफा दुकान ही हनीफ की कमाई का एकमात्र जरिया है। ढाई साल पहले अटा कायस्थान में दुकान खोलकर उन्होंने धीरे-धीरे अपना व्यापार बढ़ाया था। लूट की घटना में उनकी पूरी कमाई ही चली गई।
बकौल हनीफ, कंधे पर टंगा बैग लूटने के बाद दो बदमाश तो भागने लगे लेकिन तभी तीसरे ने उन्हें रुकने का इशारा किया और बाइक की डिग्गी तोड़कर उसमें रखा बैग भी निकाल लिया। इससे साफ है कि तीनों लुटेरों में एक ऐसा था जिसे हनीफ के पास मौजूद जेवर और नगदी के बारे में पूरी जानकारी थी। हनीफ के मुताबिक, सामने आने पर वह बदमाशों को पहचान लेंगे। उनमें से एक युवक का चेहरा उन्हें पहचाना हुआ लग रहा है मगर उसे कहां देखा है, यह याद नहीं आ रहा है।

जेवर, नगदी को लेकर बदलते रहे बयान
घटना के बाद थाना पुलिस ने बताया कि सर्राफ हनीफ से सात किलो चांदी, तीन सौ ग्राम सोना और 40 हजार की नगदी लूटी गई है। कुछ देर बाद ही पुलिस ने चार किलो चांदी लूटे जाने की बात कही। जिला अस्पताल में भर्ती हनीफ ने ढाई किलो चांदी, 35 ग्राम सोना और 25 हजार की नगदी लूटे जाने की बात कही। लूटे गए जेवर और रकम के बारे में गफलत की बावत पूछने पर हनीफ ने कहा, दूसरे लोगों ने पुलिस को लूटा गया सामान ज्यादा बता दिया। उधर, एसओ के मुताबिक पीड़ित ने तहरीर में लूटे गए जेवर और रकम को स्पष्ट नहीं किया है। मामले की जांच की जा रही है।

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