काम सफाई का, चला रहे कूड़ा वाहन

Bareilly Updated Tue, 25 Sep 2012 12:00 PM IST
बरेली। नगर निगम में दूसरी तमाम चीजों की तरह वाहनों के ड्राइवर भी कामचलाऊ व्यवस्था से ही चल रहे हैं। कूड़ा उठाने वाले 75 वाहनों के स्टीयरिंग सफाई कर्मचारियों को थमाने से सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
नगर पालिका के दर्जे के समय से ही 25 पद स्वीकृत हैं। नगर निगम बन जाने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग में चालकों की संख्या नहीं बढ़ी। स्वीकृत 25 पदों में से भी इस समय 22 पर ही चालक तैनात हैं। एक का निधन हो गया था और दो रिटायर हो गए थे। उन पदों को भरने के लिए अधिकारियों ने अभी तक कोई प्रक्रिया ही नहीं अपनाई। चार और भी पद रिक्त हुए थे, मगर उन्हें बैकलॉग कर्मचारियों से भर दिया गया। दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग के वाहनों की संख्या 97 पहुंच चुकी है। ऐसे में 75 वाहनों को चलाने के लिए सफाई कर्मचारियों को ड्राइवर बना रखा है। इसका आधार केवल इतना बना कि हैवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग में ऐसे लाइसेंस वाले कर्मचारियों की सूची बनी हुई है। पुराने लाइसेंस धारकों में से एक-एक करके ड्राइवर बना दिया जाता है। उन्हें ड्राइवर बनाने में चूंकि बड़ा खेल होता है, इसलिए चालकों के पद बढ़वाने को अफसर भी कभी पैरवी नहीं करते।
जान खतरे में
दरअसल, ड्राइवर पद पर भर्ती होते वक्त बाकायदा बड़ा वाहन भी चलवाकर देखा जाता है। वहीं लाइसेंस के आधार पर अस्थायी ड्राइवर बनाने के समय कोई परीक्षण नहीं होता। ऐसे में जब वे वाहन लेकर सड़कों पर निकलते हैं तो आम लोगों की जान खतरे में रहती है। दूसरी दिक्कत यह है कि इनमें से ज्यादातर वाहनों का बीमा भी नहीं है। पुराना शहर इलाके में ट्रैक्टर से हादसे में एक व्यक्ति की मौत होने पर नगर निगम को डेढ़ लाख का बोझ इसी कारण झेलना पड़ा।

यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। हाल ही में जिम्मेदारी संभाली है, इसलिए यह तो नहीं मालूम कि पद बढ़वाने को क्या हुआ। अब पद बढ़वाने को नगर आयुक्त के माध्यम से जरूर यह मामला शासन को भेजा जाएगा। यह बात सही है कि सफाई व्यवस्था इससे प्रभावित हो रही है।-डॉ. मातादीन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।

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