जिले से तीन साल में गायब हुए 127 बच्चे

Bareilly Updated Thu, 20 Sep 2012 12:00 PM IST
बरेली। फतेहगंज पूर्वी के उचकिया गौंटिया निवासी रामभरोसे एक साल से अपनी 14 वर्षीय बेटी को ढूंढ़ रहे हैं। 14 नवंबर 2011 को उनकी बेटी सोमवती किसी काम से घर से निकली तो आज तक वापस नहीं लौटी। छह लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा भी दर्ज हुआ। आरोपियों को न्यायालय से जमानत मिल गई, मगर पुलिस आज तक सोमवती को बरामद नहीं कर सकी।
बेटी की याद में जिंदगी काटनी मुश्किल हो रही है लेकिन पुलिस उसकी बरामदगी में कोई दिलचस्पी नहीं ले रही। इसी प्रकार तोमड़ियां नवाबगंज से 11 जुलाई 2012 की रात अचानक ठाकुर दास के घर से उनकी दो बेटियां और दो बेटे गायब हो गए। बड़ी बेटी लवनेश 16 वर्ष, दूसरी संगीता 11 वर्ष, एक बेटा प्रदीप आठ साल तथा दूसरा छह साल का अमित एक साथ रात में सोये। सुबह ये चारों बच्चे गायब थे। अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद रिपोर्ट तो दर्ज हो गई लेकिन कुछ लोगों पर शक जताने के बावजूद पुलिस ने उन्हें नहीं पकड़ा। बच्चों की तलाश में परिवार दर दर भटक रहा है।
उपरोक्त घटनाएं महज इत्तेफाक नहीं बल्कि एक बड़ी साजिश को बयां करती हैं। ऐसे सैकड़ों परिजन हैं जिनके बच्चों की गुमशुदगी तक दर्ज नहीं की जाती। आए दिन गायब होते बच्चों में से जो कुछ वापस आ गए पुलिस पर (पुलिस सक्रियता या खुद से) उनके घर तो घी के दीये जलाए गए होंगे मगर आज भी कई लोग औलाद के वियोग का दंश झेल रहे हैं। पुलिस रिकार्ड पर ही भरोसा करें तो पिछले तीन वर्षो में जिले से 127 बच्चे गायब हुए। उनमें से 29 लापता बच्चों का पुलिस को अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। घर वाले पुलिस से नाउम्मीद हो चुके हैं लेकिन भगवान के भरोसे बच्चों के लौटने की उनकी आस अभी जिंदा है। पुलिस गायब बच्चों में से 98 को बरामद करने का दावा कर रही है। गायब 29 बच्चों को ढूढ़ने में असफल पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिह्न लग गया है कि बच्चों को जमीं निगल गई या आसमां।
वर्ष 2010 से अब तक 84 लड़के गायब हो चुके हैं। इनकी उम्र चार से 17 साल के बीच बताई जा रही है। 69 लड़कों को पुलिस ने बरामद कर लिया, मगर 15 का आज तक पता नहीं चल सका। इस अवधि में 43 लड़कियां भी गायब हुईं। इनमें से 14 का कोई सुराग पुलिस नहीं लगा सकी है। आखिर ये लड़के-लड़कियां कहां गए, इसे लेकर तमाम चर्चाएं हैं।
जो बच्चे घर से मोबाइल लेकर गए उन्हें सर्विलांस की मदद से खोज निकाल गया। पुलिस ने अपने प्रयास से कई बच्चों खोजकर परिजनों से मिलाया है। किसी के साथ यदि कोई हादसा हो गया होगा तो उसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। टीवी और समाचार पत्रों में इश्तेहार के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक बच्चों के बारे में जानकारी पहुंचाकर उन्हें खोजने का प्रयास किया जा रहा है।
सत्येन्द्र वीर सिंह, एसएसपी
10 महीना पहले पोती पार्वती गायब हुई थी। थाने में रिपोर्ट भी दर्ज हुई, मगर पुलिस आज तक उसे बरामद नहीं कर सकी है। एक युवक पर शक जताने पर भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। जिंदगी में पहली बार पुलिस की जरूरत पड़ी और निराशा ही हाथ लगी।-नत्थूलाल, रहीपुरा जागीर फतेहगंज पश्चिमी
कब कितने बच्चे गायब हुए
वर्ष लड़के लड़कियां
2010 40 08
बरामदगी 38 06
2011 36 23
बरामदगी 29 20
2012 08 12
बरामदगी 02 03

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