आइए! महाभारतकाल में आपका स्वागत है

Bareilly Updated Tue, 11 Sep 2012 12:00 PM IST
बरेली। महाभारत काल में आपका स्वागत है। वह देखिए, महान धनुर्धर अर्जुन अपने गांडीव पर तीर चढ़ाकर मछली की आंख का सरसंधान करने को एकदम तैयार हैं। उधर भगवान श्रीकृष्ण युद्धभूमि में उन्हें गीता का उपदेश दे रहे हैं। यहीं द्रोपदी के स्वयंवर के लिए राजा द्रुपद के दरबार में दुनिया भर के राजा इकट्ठे हुए हैं। मगर जरा ठहरिए, रक्त में डूबे महाभारत के दृश्यों के बीच भगवान बुद्ध भी विश्व को शांति और प्रेम का संदेश देते दिखाई दे रहे हैं। महाभारत के बाद परम सत्य का यह दूसरा रूप है।
ये नजारे दरअसल रामनगर में बने थीम पार्क के हैं। यह थीम पार्क इसी महीने विश्व पर्यटन दिवस पर 27 सितंबर को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। इस थीम पार्क को पर्यटन विभाग ने दो करोड़ की लागत से तैयार किया है। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी जैन मंदिर ट्रस्ट के पास रहेगी। यह पार्क पर्यटकों का महाभारतकालीन इतिहास से साक्षात्कार कराएगा। रामनगर का प्राचीन जैन मंदिर महाभारत काल के अहिच्छत्र किले के नजदीक है। मान्यता के मुताबिक अज्ञातवास के दौरान पांडव अहिच्छत्र में ही रहे थे। जाहिर है कि रामनगर में थीम पार्क तैयार करने के पीछे यही आधार रहा है। यूं वैसे भी यहां हर साल तमाम पर्यटक आते हैं।
थीम पार्क के चार मुख्य आकर्षण होंगे। पहला द्रोपदी के स्वयंवर की मूर्तियां और चित्र। दूसरा भित्तिचित्रों के माध्यम से भगवान बुद्ध के प्रवचन। तीसरा भगवान श्रीकृष्ण के अर्जुन को गीता का उपदेश देते हुए भित्तिचित्र। इसके अलावा चौथा मेडिटेशन हॉल, जिसे संगति और सम्मेलनों के लिए बनाया गया है। मान्यता है कि रामनगर में ही जैनियों के तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ रहे थे। इसी नाते भारत के इतिहास के दो युगों का थीम पार्क में समावेश किया गया है।


‘थीम पार्क को इसी महीने खोलने की कोशिश है। जैन मंदिर ट्रस्ट की सहमति मिल चुकी है। निर्माण निगम से इसे हस्तगत करने की कार्रवाई भी जल्द पूरी कर ली जाएगी। पार्क के माध्यम से स्थानीय प्राचीन इतिहास को सहेजने की कोशिश की गई है। हमने यहां जैन संग्रहालय बनाने के लिए भी केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को लिखा है।’ प्रीति श्रीवास्तव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी

Spotlight

Most Read

National

पुरुष के वेश में करती थी लूटपाट, गिरफ्तारी के बाद सुलझे नौ मामले

महिला लड़कों के ड्रेस में लूटपाट को अंजाम देती थी। अपने चेहरे को ढंकने के लिए वह मुंह पर कपड़ा बांधती थी और फिर गॉगल्स लगा लेती थी।

20 जनवरी 2018

Related Videos

शाहजहांपुर के अटसलिया गांव में नहीं हो रही लड़कों की शादी, ये है वजह

केंद्र सरकार खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यूपी के शाहजहांपुर जिले में एक गांव ऐसा है जहां महिलाओं को आज भी खुले में शौच जाना पड़ता है।

20 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper