शहर में दंगा नियंत्रण की महायोजना तैयार

Bareilly Updated Wed, 05 Sep 2012 12:00 PM IST
सिटी रिपोर्टर
बरेली। शहर को सांप्रदायिक तनाव और उपद्रव से बचाने के लिए दंगा नियंत्रण महायोजना तैयार की गई है। डीएम की अनुमति मिलते ही योजना लागू कर दी जाएगी। मजबूत सूचना तंत्र के साथ थानावार विस्तृत योजना बनाई गई है। बवाल होने पर तुरंत सूचना देने की जिम्मेदारी उस इलाके के कोटेदार की होगी। संवेदनशीलता के आधार शहर में तीन स्कीम लागू होंगी। दंगा भड़काने और उपद्रव करने वालों की सूची भी इस योजना में शामिल की गई है।
योजना में सांप्रदायिकता के लिहाज से शहर के अतीत को समझने की कोशिश भी की गई है। पहला दंगा सात मार्च 2003 को पुत्तन मियां आजम खां की तख्त पर हुआ था। अंतिम दंगे की वजह इसी साल 11 अगस्त को निकली जन्माष्टमी की शोभायात्रा पर पथराव को माना गया है। अब तक शहर में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाली 24 घटनाओं को दर्ज किया गया है। शहर में तीन स्कीम ग्रीन, यलो और रेड लागू होंगी। यलो स्कीम के तहत शहर को 21 सेक्टर में बांटकर मजबूत सूचना तंत्र तैयार किया गया है। कौन अफसर किस जगह तैनात होगा, उसकी क्या जिम्मेदारी होगी, यह भी तय रहेगा। इसी आधार पर मजिस्ट्रेट ड्यूटी पर पहुंचेंगे। रेड स्कीम के तहत शहर को 22 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। दंगे की सूचना पर तुरंत बाहर से तीन एएसपी बुलाए जाएंगे। मोहल्लों में एक-एक सेक्शन पीएसी लगा दी जाएगी। दो एंबुलेंस मौके पर पहुंचेंगी और आरएमओ दस बसें मौके पर भेजेंगे। ताकि वहां फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा सके। यलो और रेड स्कीम में 20-20 कांस्टेबल तुरंत मौके पर तैनात किए जाएंगे। ग्रीन स्कीम त्योहारों के मौके पर ही लागू होगी। इसके प्रभावी होते ही देहात क्षेत्रों के थाना प्रभारियों को ड्यूटी पर लगाया जाएगा। भीड़ को रोकने के लिए कोतवाली क्षेत्र में आठ, प्रेमनगर में पांच, इज्जतनगर में दो, बारादरी में पांच, किला में तीन और सुभाषनगर में दो बैरियर होंगे।

इंसेट में

अभेद्य होगा सूचना तंत्र
दंगा नियंत्रण महायोजना में सूचना तंत्र को अभेद्य बनाने का प्रयास किया गया है। कोटेदार, बीट कांस्टेबल, लेखपाल और पुलिस बल उपलब्ध कराने का स्रोत भी दर्शाया गया है। इन सभी के मोबाइल नंबर और पता भी प्लान में शामिल किया गया है। दंगा होने पर सूचनाएं सटीक मिलें, इसके पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

गुंडे, बदमाश होंगे निशाने पर
शहर में करीब 300 गुंडों और बदमाशों को चिह्नित कर उनकी सूची महायोजना में शामिल की गई है। दंगा होने पर सबसे पहले इन्हीं की धरपकड़ होगी। थानावार मंदिर और मस्जिदों की गिनती भी कर ली गई है। इज्जतनगर में 68, कोतवाली में 76 और प्रेमनगर में 50 मंदिरों की सूची बनाई गई है। इज्जतनगर और कोतवाली में 58, किला में 83, बारादरी में 98 मस्जिदों की सूची बनाई गई है। शहर के गणमान्य लोगों की सूची भी योजना में शामिल है।

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