प्राचार्य दफ्तर में की तोड़फोड़, हंगामा

Bareilly Updated Sun, 02 Sep 2012 12:00 PM IST
बरेली। वीरांगना रानी अवंतीबाई महिला डिग्री कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर में बढ़ी सीटों पर बिना मेरिट के दाखिला लेने पर जमकर हंगामा हुआ। गुस्साई छात्राओं ने प्राचार्य कक्ष की जाली और शीशे तोड़ डाले। पांच घंटे चले हंगामे के बाद एसीएम फर्स्ट मौके पर पहुंचीं। उन्होंने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कॉलेज प्रशासन की गलती मानी और इसे फौरन सुधारने के आदेश दिए। विरोध कर रही सभी छात्राओं के दाखिले लेने पर ही मामला शांत हुआ।
वीरांगना रानी अवंतीबाई महिला डिग्री कॉलेज के प्राचार्य ने कुलपति को सीटें बढ़ाने के लिए पत्र लिखा था। इसके बाद शासनादेश के मुताबिक, शुक्रवार की दोपहर को हर सेक्शन में 20 सीटें बढ़ाने का अनुमति पत्र विश्वविद्यालय से भेज दिया गया। कॉलेज प्रशासन ने बढ़ी हुई सीटों के बारे में बिना कोई नोटिस लगाए और बिना मेरिट के उसी दिन मौके पर मौजूद छात्राओं को दाखिला दे दिया। काफी समय से दाखिले के लिए चक्कर काट रहीं छात्राएं शनिवार को सुबह दस बजे कॉलेज में फिर पहुंची। तब उन्हें पता चला कि उनसे नीचे की मेरिट वालों का प्रवेश हो गया है। हालांकि, शुक्रवार को दाखिले के बाद भी कुछ सीटें खाली रह गईं, लेकिन शनिवार को छात्राओं से कह दिया गया कि सारी सीटें भर चुकी हैं, अब किसी को भी प्रवेश नहीं मिलेगा।
इतना सुनते ही छात्राओं ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था, ‘हमसे नीचे मेरिट वाले का प्रवेश कैसे हो गया, अब हमारा भी दाखिला लो। हमें तीन दिन से दौड़ा रहे हो कि कल आओ, कल आओ कहकर।’ इसके बाद प्रशासन ने सभी छात्रों को मेन गेट से बाहर करके चैनल में ताला डाल दिया। दोपहर दो बजे तक भी कॉलेज प्रशासन ने उनकी नहीं सुनी तो उन्होंने एक साथ चैनल पकड़कर उसे जोर-जोर से हिलाना शुरू कर दिया। चिल्ला-चिल्ला कर रही थीं, ‘कॉलेज में धांधली हुई है। अब हमें मूर्ख बनाकर चुप करना चाहते हैं, हम चुप नहीं होंगे।’ इसके बाद वहां आए छात्र नेताओं ने भी नारेबाजी की और प्राचार्य से बात की, मगर कोई हल नहीं निकला। इतने में बारिश होने लगी, छात्राएं बाहर ही झमाझम बारिश में खड़ी रहीं। फिर, उनका धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने गेट के बराबर में बाहर की तरफ से ही प्राचार्य कक्ष की जाली और शीशों को तोड़ दिया। वे शाम पांच बजे तक हंगामा करती रहीं। इसके बाद एसीएम फर्स्ट वंदिता श्रीवास्तव और सीओ ओमप्रकाश यादव पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया तो वे थोड़ा शांत हुईं।
उन्होंने छात्राओं का पक्ष सुनने के बाद प्राचार्य से पूरी स्थिति पर जवाब मांगा। कहा, मेरिट लिस्ट दिखाओ, प्रवेश वाला रजिस्टर दिखाओ। रिकॉर्ड देखने के बाद उन्होंने प्राचार्य से दो टूक कहा कि दाखिला देने में गड़बड़ की गई है। बढ़ी हुई सीटों पर बिना मेरिट के प्रवेश किए गए हैं। यह कौन सा नियम है कि बढ़ी सीटों पर आदेश आने वाले दिन ही बिना मेरिट बनाए प्रवेश कर लिए जाएं। इसके बाद प्राचार्य ने भी अपनी गलती मानी और हंगामा कर रहीं सभी 40 छात्राओं के प्रवेश लिए। इसके बाद ही छात्राएं वहां से हटीं।

लड़कियों को सीधा-सादा समझते हो
एसीएम वंदिता श्रीवास्तव ने प्राचार्य एसपी खरे से कहा, लड़कियों को सीधा-सादा समझते हो कि जैसे चाहोगे हांक लोगे। अगर जांच करा ली तो सारी असलियत सामने आ जाएगी। इसलिए लीपापोती मत कीजिए। सबके दाखिले लीजिए, ताकि विरोध कर रही छात्राओं को इंसाफ मिल सके।


प्रवेश के मामले में कॉलेज प्रशासन की नीयत साफ नहीं रही। अगर बड़े पैमाने पर गड़बड़ नहीं हुई होती तो छात्राएं इतनी उग्र नहीं होतीं।- ओपी यादव, सीओ थर्ड



सीटें बढ़ने के बाद शुक्रवार को जितनी छात्राएं बची थीं, उन्हें पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर प्रवेश दिया गया। 31 अगस्त तक हर हाल में प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर लेने के आदेश के चलते ऐसा किया गया। जिन छात्राओं को बरेली कॉलेज में दाखिला नहीं मिला था, उन्होंने ही शनिवार को हंगामा किया। हालांकि, हमने पहले से फॉर्म न भरने वाली छात्राओं को दाखिला देने से साफ इनकार कर दिया। -डॉ. एसपी खरे, प्राचार्य



छात्राओं के सामने आने की हिम्मत नहीं हुई
हंगामा करने वाली छात्राएं इतनी गुस्से में थीं कि प्राचार्य या किसी शिक्षक की बंद चैनल तक भी आने की हिम्मत नहीं हुई। जब छात्र नेताओं ने प्राचार्य से कहा, जाकर छात्राओं को शांत कीजिए, नहीं तो वे चिल्लाते-चिल्लाते बेहोश हो जाएंगी। इसके बाद प्राचार्य काफी हिम्मत करके दो बार गए, लेकिन छात्राओं ने उनकी एक न सुनी। छात्राओं ने कहा, इससे पहले डांट रहे थे। अब बेटा कहकर बहला रहे हैं। अपने हक के लिए लड़ रहीं छात्राओं का रौद्र रूप देखकर कर्मचारी और शिक्षक एक तरह से भयभीत हो गए।


सबको मिला दाखिला
अवंतीबाई महिला डिग्री कॉलेज में छात्राओं के हंगामा करने के बाद सबका भला हो गया। बस, जिनके फार्म नहीं जमा थे, उनका ही प्रवेश नहीं और पाया और बाकी की सभी छात्राओं को मौका मिला। प्राचार्य ने सबसे पहले साठ प्रतिशत अंक से ऊपर वालों को बुलाया, उसके बाद 55 प्रतिशत से ऊपर वालों को फिर पचास प्रतिशत वाले को और सबसे अंत में 45 प्रतिशत तक ही छात्राओं को बुलाकर दाखिला किया।


कुल 180 सीटें बढ़ीं
अवंतीबाई महिला डिग्री कॉलेज में अब तक बीए में 540 सीटें थीं। शुक्रवार को बीए फर्स्ट ईयर में हर सेक्शन में 20 सीटें बढ़ाने का आदेश आया। कॉलेज में नौ सेक्शन है। अब तक हर सेक्शन में साठ सीटें थीं। हर सेक्शन में 20 सीटों के इजाफे से कुल 180 सीटें बढ़ गईं। नियमानुसार इन बढ़ी सीटों के बाबत विज्ञप्ति जारी करने के बाद ही प्रवेश होने चाहिए थे।

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