इलाज न मिलने से बुजुर्ग की मौत

Bareilly Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
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बरेली। शनिवार की शाम जब चौहत्तर साल के बुजुर्ग सैय्यद अहसन अली की तबियत बिगड़नी शुरू हुई, तभी शहर में उपद्रव फैला और फिर कर्फ्यू लग गया। इलाज नहीं मिला तो अहसन अली की हालत और खराब हो गई। सोमवार को उनकी सांसें टूटने लगीं तो घर के लोगों ने पुलिस से उन्हें इलाज के लिए ले जाने की इजाजत मांगी। काफी गिड़गिड़ाए, लेकिन पुलिस ने उन्हें न डॉक्टर के पास ले जाने की इजाजत दी, न घर से निकलकर कहीं से दवा का इंतजाम करने की। आखिरकार अहसन अली ने दम तोड़ दिया।
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सहसवानी टोला में रहने वाले सैस्यद अहसन अली काफी समय से डायबिटीज और पैरालाइसिस से पीड़ित थे। उनका लगातार इलाज चल रहा था, लेकिन इस बार पुलिस ने कर्फ्यू के दौरान पुलिस ने ज्यादा सख्ती दिखाई तो इलाज रुक गया। उनकी पत्नी जुबैदा खातून ने उन्हें डॉक्टर के पास ले जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस और पीएसी ने घर से ही नहीं निकलने दिया। मजबूर होकर और कुछ नहीं सूझा तो उन्होंने सूफी टोला में ब्याही अपनी इकलौती बेटी नूर फातिमा और दामाद उबैद असलम को फोन करके सूचना दी। उबैद और फातिमा ने भी अपनी गली में तैनात फोर्स को अहसन अली की बीमारी का वास्ता देकर घर से बाहर निकलने की इजाजत मांगी, लेकिन पुलिस वाले नहीं माने। उबैद ने बताया कि उन्होंने पुलिस वालों की काफी खुशामद भी की, लेकिन उन्होंने उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी। दोपहर को अहसन अली ने दम तोड़ दिया।
इनसेट
फोटो

कर्फ्यू का कहर और भी बुजुर्गों पर
बरेली। अहसन अली की तरह कर्फ्यूग्रस्त इलाकों में तमाम और भी लोग है, जिन्हें इलाज और दवा की जरूरत है लेकिन उन्हें घर से बाहर निकलने तक नहीं दिया जा रहा है। हालत यह है कि अगर कोई हिम्मत जुटाकर बाहर निकला भी तो उसे पुलिस और पीएसी की बदसलूकी का शिकार होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
सूफी टोला में रहने वाले सत्तर साल के आबिद खां ने बताया कि तीन दिनों से उन्हें खांसी, बुखार और पेट दर्द है। बेचैनी की वजह से पूरी-पूरी रात नींद नहीं आती। खाना भी नहीं खा पा रहे हैं। गली में ड्यूटी कर रहे पुलिस वाले वाले बाहर कदम तक नहीं रखने देते। खिड़की से झांककर वह कई बार उनसे डॉक्टर के पास जाने देने की फरियाद कर चुके हैं, लेकिन हर बार फटकार ही खानी पड़ती है। सूफी टोला के ही मोहम्मद सफी ने बताया कि उनका मिशन हॉस्पिटल में डॉ. नसीरुद्दीन से पेट के रोग का उपचार चल रहा है। कर्फ्यू के कारण तीन से दवा लेने नहीं पहुंच पा रहे। जिस कारण परेशानी बढ़ती जा रही है। पुलिस तो बाहर निकलने नहीं दे रही, मजबूर होकर मोबाइल फोन पर डॉक्टर से घर आकर देखने की गुजारिश की, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।
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