पहले फूल बरसे, फिर पत्थर चले

Bareilly Updated Sun, 12 Aug 2012 12:00 PM IST
बरेली। पुराना शहर में शनिवार को कई शोभा यात्राएं निकाली गईं। सबसे बड़ी दधिकांधो शोभा यात्रा कटरा चांद खां मोहल्ले के सीताराम मंदिर से निकाली। सहसवानी टोला में दूसरे पक्ष के कुछ लोगों ने दधिकांधो शोभा यात्रा पर फूलों की बरसा की। शाम को वहीं जगतपुर के हजारी लाल स्कूल से निकाली गई शोभा यात्रा के चार कदम आगे बढ़ने पर ईंट-पत्थर बरसाए गए।
जुलूसों पर दूसरे पक्ष के फूल बरसाने की परंपरा पुरानी हो चली। दोनों ही समुदायों को लोग अब इसे सौहार्द के तौर पर नहीं लेते हैं। शायद प्रशासन को इसका आभास नहीं है। पिछले दिनों हुए उपद्रव के बाद अफसरों सौहार्द दर्शाने के लिए वही पुरानी नीति अपनाई। यानी आम लोगों को एकता का पाठ पढ़ाने के बजाय पुलिस के इर्द गिर्द घूमने वाले चंद लोगों को फूल बरसाने का जिम्मा दे दिया गया। दिन-रात साथ रहने वालों के दिलों को जोड़ने का प्रयास नहीं किया गया। न ही संवेदनशील इलाकों में जाकर लोगों की पंचायत कराई गई। नतीजा यह हुआ कि अफसरों की परिक्रमा करने वालों ने दोपहर को दधिकांधो शोभा यात्रा पर फूल बरसाए। उसके विरोध में शाम को शरारती तत्वों शोभा यात्रा पर जमकर ईंट-पत्थर बरसा दिए। इसकी मार आम शहरियों को झेलना पड़ेगी।

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