बजट को लेकर बोर्ड बैठक में हो सकता है हंगामा

Bareilly Updated Fri, 03 Aug 2012 12:00 PM IST
बरेली। नगर निगम के वर्ष 2012-13 के आम बजट को लेकर बोर्ड की पहली बैठक में हंगामा हो सकता है। मेयर और नगर आयुक्त के मुताबिक स्वीकृति के लिए बजट शासन में गया हुआ है। वहीं लेखा विभाग के लोगों का कहना है कि यह बजट तो पहले ही स्वीकृत मान लिया गया है। वहीं फिर से सदन में पहुंचने वाले पार्षद इस पूरे मुद्दे पर अफसरों को घेरने की तैयारी में हैं।
विधानसभा चुनाव के कारण बजट स्वीकृति टल गई थी। फिर शुरु मई में बजट पास करने के लिए कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई थी, मगर वह रिवाइज बजट था। इसी पर कार्यकारिणी सदस्यों ने हंगामा कर दिया था। उनका कहना था कि अब रिवाइज बजट का क्या मतलब, जबकि नया वित्तीय वर्ष तक शुरू हो चुका है। उन्होंने रिवाइज बजट की एक-एक डिटेल पेश किये जाने और साथ में नया बजट रखने पर ही बैठक करने की ठानी थी। तबका वह दिन था कि फिर बजट को लेकर बोर्ड या कार्यकारिणी बैठक बुलाने की बात ही नहीं हो सकी। इसी दौरान 19 मई को बोर्ड का कार्यकाल भी खत्म हो गया और नगर आयुक्त भी बदल गए। फिर बजट का हुआ क्या, यह किसी को सही से नहीं मालूम।
मेयर डॉ. आईएस तोमर के मुताबिक बजट पास होने के लिए शासन को गया हुआ है। उनके मुताबिक बोर्ड से स्वीकृति न होने की स्थिति में बजट फिर वहीं भेजा जाता है। वहीं नगर आयुक्त उमेश प्रताप सिंह का कहना है कि काफी पहले इसे शासन को भेज दिया गया था। अब तक कोई जवाब न आने के कारण रिमाइंडर भेजा जाएगा। वहीं लेखा विभाग से जुड़े लोगों के मुताबिक नए बजट के मुताबिक ही खर्चा हो रहा है। नगर निगम की धारा 146 का उल्लेख करते हुए बताया कि बोर्ड की स्वीकृति न मिलने पर नगर आयुक्त की ओर से ही इसे स्वीकृत मानते हुए शासन को सिर्फ सूचना भेजना होती है, जोकि भेज दी गई है। दूसरी तरफ पिछली कार्यकारिणी के सदस्य रहे विकास शर्मा का कहना है कि बजट तभी शासन को भेजा जाता है, जबकि बोर्ड उसे स्वीकृति न दे। यहां तो बजट पेश ही नहीं किया था। इस तरह जानबूझकर बजट पेश न किये जाने पर तो कार्रवाई तक का अधिनियम में प्राविधान है।

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