इमरान के जनाजे के दौरान जमकर बवाल

Bareilly Updated Tue, 24 Jul 2012 12:00 PM IST
बरेली। रविवार को उपद्रव के दौरान मारे गए इमरान के जनाजे में प्रशासन की दखलंदाजी लोगों को पसंद नहीं आई। कुछ लोगों ने पुलिस फोर्स पर टिप्पणी करते हुए उनकी मौजूदगी पर एतराज किया तो बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर बाद पुलिस और लोग आमने-सामने आ गए। इसी बीच आईजी और डीआईजी के पहुंचने के बाद लाठीचार्ज हुआ तो दूसरी तरफ से पथराव शुरू हो गया। पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। करीब दो घंटे के बाद स्थिति सामान्य हुई तो इमरान को शाहजहांपुर रोड स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
रबड़ी टोला में रहने वाले इमरान रविवार की रात तरावीह पढ़ने घर के पास स्थित मस्जिद में गए थे। रात करीब साढ़े दस बजे घर लौटने के लिए वह मस्जिद से निकले तभी अचानक एक गोली उनके सीने में लगी। आननफानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इमरान के शव का सोमवार की दोपहर पोस्टमार्टम हुआ, जिसके बाद उनके शव को परिजन घर ले गए। करीब तीन बजे इमरान का जनाजा निकला तो शहामतगंज पहुंचते ही पुलिस, पीएसी और बीएसएफ का फोर्स सुरक्षा के लिहाज से साथ हो लिया। जनाजे में शामिल लोग पुलिस से खासे नाराज थे। उन्होंने पुलिस की मौजूदगी लेकर एतराज शुरू किया तो बहस हो गई और देखते ही देखते लोग बेकाबू हो उठे। शोरशराबा करते हुए सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। भीड़ ने फल मंडी में लगे बांसों को भी उखाड़ लिया। सूचना मिलते ही आईजी देवेन्द्र सिंह चौहान, डीआईजी एलवी एंटनी देवकुमार और एडीएम सिटी राजेश राय भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जवाब में पथराव होने लगा। स्थिति नियंत्रित न होता देख पुलिस ने हवाई फायरिंग कर दी। जानकारी होते ही मुफ्ती आजम-ए-हिंद के नवासे मौलाना जमाल रजा खां पहुंचे और लोगों को शांत कराकर जनाजे की नमाज अदा कराई। दोपहर तीन बजे शुरू हुआ यह हंगामा शाम पांच बजे खत्म हुआ, जिसके बाद पुलिस सुरक्षा के बीच इमरान को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इससे पहले इमरान के शव को घर पर जब गुसल कराया जा रहा था, तभी कांवरियों की एक टोली बाहर से डीजे बजाते हुए निकली। इस पर लोगों ने उस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने डीजे को बंद कराकर जैसे-तैसे कांवरियों की टोली को वहां से निकाला। आईजी ने बताया कि पीड़ित परिवार को शासन की ओर से दो लाख रुपये का चेक दिया गया है। इमरान के घर जाकर मुफ्ती सलीम नूरी, आबिद खां, नासिर कुरैशी, अजमल नूरी और हाजी जावेद ने परिजनों को सांत्वना दी। उधर, इमरान के चचेरे भाई बबलू ने आरोप लगाया कि पुलिस की सीधी फायरिंग में इमरान की मौत हुई। उन्होंने कहा कि इमरान बेहद सीधा लड़का था। उसका किसी से कभी कोई विवाद तक नहीं हुआ। पिता के जरी के काम में वह हाथ बंटाता था। उसकी मौत के लिए पुलिस सीधे तौर से जिम्मेदार है।

आला हजरत के शांति के पैगाम को मानें
बरेली पूरी दुनिया में आला हजरत के नाम से जानी जाती है। आला हजरत ने अमन और भाईचारे का पैगाम दिया है। शहर के लोग इसे कायम रखे, यही उनकी सच्ची इबादत होगी। - मौलाना सुब्हानी मियां, सज्जादानशीन दरगाह-ए-आला हजरत

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