विज्ञापन

बीस दिन की मियाद, लेकिन तहसील से दो महीने में जारी हो पा रहे हैं सर्टिफिकेट

Bareilly Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें

विज्ञापन
विज्ञापन
मुश्किल हुआ जाति-आय प्रमाणपत्र बनवाना

सदर तहसील में तीन हजार आवेदन लंबित
औसतन डेढ़ हजार आवेदन होते हैं रोजाना

सिटी रिपोर्टर
बरेली। शासन से निर्धारित कायदे के अनुसार बीस दिन में आय एवं जाति प्रमाणपत्र बनकर लोगों को मिल जाने चाहिए। लेकिन सदर तहसील के जनसेवा केंद्र में आय और जाति प्रमाणपत्र महीने भर या उससे ज्यादा समय में ही मिल पाते हैं। इस समय रोजाना जनसेवा केंद्र पर 1500 फार्म जमा हो रहे हैं। यूपीटीयू, बरेली कॉलेज और रूहेलखंड विश्वविद्यालय की काउंसिलिंग शुरू होने के बाद आय प्रमाणपत्र बनवाने युवाओं की भीड़ बढ़ गई है। ऐसे में जनसेवा केंद्रों पर करीब तीन हजार से ज्यादा आवेदन पेंडिंग हैं।
शासन के निर्देशानुसार आय, जाति, सामान्य निवास और वारिसान प्रमाणपत्र 20 दिन के अंदर में मिल जाना चाहिए और यह व्यवस्था एकल विंडो सिस्टम के तहत होनी चाहिए थी। लेकिन जनसेवा केंद्र में इन दिनों बढ़ती भीड़ को देखते हुए आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अलग और जारी करने के लिए दूसरी खिड़की बना दी गई है। लोगों ने एक बार आवेदन कर दिया तो फिर तहसील के चक्कर काटना पड़ता है। खिड़कियों पर जितनी ज्यादा पैरवी कीजिए, उतनी जल्दी प्रमाणपत्र मिल जाता है। वहां पर तमाम दलाल भी टहलते रहते हैं, जो लोगों को फंसाकर उनसे पैसा लेकर प्रमाणपत्र देने की बात कहते हैं। लेकर कई बार राशन कार्ड न होने और जाति का साक्ष्य पेश न कर पाने की वजह से लेखपाल और कानूनगो आपत्तियां लगाकर आवेदन रख लेते हैं। कई बार यह भी होता है कि फार्म डंप होते रहते हैं और कई दिन लेखपाल और कानूनगो जांच ही नहीं करते। ऐसे में जब आवेदक पहुंचते हैं तो उन्हें आवेदन में आपत्ति लगाकर वापस कर दिया जाता है। इसके बाद जब वह आपत्ति पूरी कराता है और दोबारा जमा करता है। तब कहीं जाकर प्रमाणपत्र मिल पाते हैं।

फॉर्म बनने में देरी का कारण
आय और जाति प्रमाणपत्र बनने में देरी की सबसे बड़ी वजह लेखपालों और कानूनगो का कई दिनों तक जांच के लिए नहीं आना। जाति के साक्ष्य न होने पर जाति और राशनकार्ड न होने वजह से प्रमाण पत्रों में तमाम आपत्तियां लगा दी जाती हैं। इससे प्रमाणपत्र बनने में निर्धारित 20 दिनों के बजाय दो महीने तक का समय लग रहा है। सोमवार से यूपीटीयू की काउंसिलिंग में भाग लेने वाले विद्यार्थी बड़ी संख्या में आय और जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आ रहे हैं। इससे प्रमाणपत्र बनने के लिए दफ्तर में हजारों फॉर्म एक साथ पहुंच रहे हैं। इसके चलते पेंडेंसी और भी बढ़ गई है।
आंकड़ों में आय एवं जाति प्रमाणपत्र आवेदन
रोजाना आने वाले फॉर्म : 1500
बनने की प्रक्रिया में : 2000
आपत्तियां लगे फॉर्म : 2500

‘साप्ताहिक मीटिंग में सभी आवेदनों का निपटारा करने की कोशिश करते हैं। दिक्कत वहां हो जाती है, जब एक दिन में आवेदन करने के बाद एक ही दिन में प्रमाणपत्र मांगते हैं। इस समय 10 लेखपाल डूडा के शौचालयों का निरीक्षण करने में और रिठौरा में तालाब की पैमाइश करने में लगे हुए हैं। इसलिए हो सकता है कि प्रमाणपत्र देने में कुछ देरी हो रही हो।’ रवींद्र कुमार, एसडीएम सदर

Recommended

क्या कारोबार में लगाया हुआ धन फंस जाता है ? करें उपाय
ज्योतिष समाधान

क्या कारोबार में लगाया हुआ धन फंस जाता है ? करें उपाय

जानें क्यों कायम है आपकी नौकरी पर संकट?
ज्योतिष समाधान

जानें क्यों कायम है आपकी नौकरी पर संकट?

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Bareilly

लखीमपुर खीरी: 130 किमी की स्पीड से दौड़ी सीआरएस स्पेशल ट्रेन, चपेट में आने से एक युवक की मौत

सीतापुर-लखीमपुर के बीच आमान परिवर्तन कार्य का निरीक्षण करने के लिए रेल संरक्षा आयुक्त सोमवार को लखीमपुर स्टेशन पहुंचे।

18 मार्च 2019

विज्ञापन

बीजेपी पर कसा प्रियंका गांधी ने तंज, पीएम नरेंद्र मोदी लेकर कह दी ये बड़ी बात

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधा वाड्रा आज प्रयागराज में हैं। यहां उन्होंने दिन की शुरुआत बड़े हनुमान जी के दर्शन और गंगा जी की पूजा के साथ। इसके बाद उन्होंने प्रयागराज से बनारस के लिए तीन दिवसीय यात्रा शुरू की। देखिए ये खास रिपोर्ट।

18 मार्च 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree