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अब टच स्क्रीन से सर्च कीजिए बुक

Bareilly Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
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बरेली कॉलेज में हाईटेक हो गई सेेंट्रल लाइब्रेरी

लाइब्रेरी के गेट पर ही लगाया जाएगा सिस्टम
लाइब्रेरी के सभी रिकॉर्ड हुए कम्प्यूटराइज़्ड

बरेली। टच स्क्रीन बुक सर्च करते ही किताब के बारे में पूरी जानकारी हासिल की जा सकती है। यह किसी मेट्रो सिटी के बड़े-से कॉलेज की बात नहीं, बल्कि बरेली कॉलेज की सेंट्रल लाइब्रेरी का हाल है। यहां की लाइब्रेरी अब हाईटेक हो गई है। विद्यार्थियों को इसमें इनफ्लिट नेट लाइब्रेरी की सुविधा दी गई है। यूजीसी खुद कॉलेजों में यह सुविधा देकर सबको एकसूत्र में पिरोने का काम किया है। यूजीसी ने इसके लिए सभी कॉलेजों में ‘सोल’ सॉफ्टवेयर दिया है। वैसे तो यह नैक टीम के दौरे के मध्येनजर किया गया है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा फायदा विद्यार्थियों का ही होना है। अब विद्यार्थियों को अलमारियां झांकनी नहीं पड़ेंगी।
बरेली कॉलेज की सेंट्रल लाइब्रेरी में काफी बदलाव किया जा चुका है। यहां पर सात कम्प्यूटर लगे हैं। इसमें चार सिस्टम पर तो टच स्क्रीन लगाया गया है। इसे लाइब्रेरी के गेट पर ही लगाया जाएगा। ताकि, विद्यार्थी अपनी किताब की जानकारी गेट पर ही ले ले। इसमें किताब और लेखक का नाम लिखते ही किताब के बारे में पूरे जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। इसमें किताब किस अलमारी में है, किस सत्र की है, किसी विद्यार्थी को इश्यू है या नहीं यह सबकुछ स्क्रीन पर लिखकर आ जाएगा। लाइब्रेरी इंजार्च डॉ. बीडी यादव ने बताया, रिकॉर्ड कम्प्यूटराइज़्ड करने के लिए डाटा फीडिंग का काम काफी समय से चल रहा था, जो अब पूरा हो गया है। लाइब्रेरी के कायाकल्प होने से विद्यार्थियों का काफी फायदा होगा। उन्हें किताबें खोजने में दिक्कत नहीं होगी। खास बात यह है कि विद्यार्थियों को किसी से किताब के बारे में पूछने की भी जरूरत नहीं होगी। वह सारी जानकारी खुद ही जुटा लेंगे। इंटरनेट वाले सिस्टम की इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने के लिए दस हजार रुपये की एक और डिवाइस लगाने की व्यवस्था हो रही है। लाइब्रेरी में 200 ई जनरल्स भी उपलब्ध हैं।

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हाईटेक का सामान
0 8 कम्प्यूटर, जिनमें लाइब्रेरी के रिकॉर्ड रहेंगे।
0 3 टच स्क्रीन सेट, जिनसे किताबों की जानकारी मिलेगी।
0 3 कम्प्यूटर जिन पर इंटरनेट की सुविधा होगी।
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350 मैगजीन और अखबार आते
डॉ. बीडी यादव ने बताया, इस दौरान सेंट्रल लाइब्रेरी में 350 मैगजीन और अखबार आ रहे हैं। नई आने वाली हर मैगजीन सबसे पहले लाइब्रेरी पहुंचती हैं। हालांकि कॉपियों की संख्या ज्यादा न होने की वजह से इश्यू नहीं की जाती। विद्यार्थियों को लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ना होता है।
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लाइब्रेरी में है 60 हजार किताबें
सेंट्रल लाइब्रेरी मेें करीबन 60 हजार किताबें हैं। इसमें सबसे ज्यादा किताबें इतिहास की है। साहित्य की किताबों की संख्या अभी और बढ़ाने की जरूरत है। यह पूरी कोशिश की जा रही है कि सिलेबस की सभी किताबें लाइब्रेरी में उपलब्ध हों।

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