कर्मचारियों और छात्रनेताओं ने ठप कराई काउंसिलिंग

Bareilly Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

विज्ञापन

बरेली। जिसकी आशंका थी वही हुआ। बरेली कॉलेज प्रशासन प्रवेश प्रक्रिया के पहले ही दिन प्रवेश फॉर्म मुहैया ही नहीं करा सका। पिछले साल के बचे हुए फॉर्म से काम चलाने की कोशिश की तो छात्र नेताओं ने हंगामा कर दिया। अपनी मांगों के न माने जाने से गुस्साए अस्थायी कर्मचारियों ने भी उनका साथ दिया। इसके बाद कॉलेज बंद करा दिया गया। नतीजतन, प्रवेश लेने आए तमाम विद्यार्थियों को बैरंग लौटना पड़ा।
बरेली कॉलेज में मंगलवार को बीएससी और बीकॉम प्रथम वर्ष में दाखिले होने थे, लेकिन ऐन वक्त तक नए सत्र के प्रवेश फॉर्म छपकर नहीं आ पाए। सुबह दस बजे अभ्यर्थियों की भीड़ आई तो उन्हें प्राचार्य दफ्तर के काउंटर नंबर 37 से पिछले सत्र का प्रवेश फार्म दिया जाने लगा। करीब 400 अभ्यर्थी प्रवेश फार्म ले पाए। इसी बीच तमाम छात्र नेता वहां आकर हंगामा करने लगे। वे चिल्लाने लगे कि पुराने फॉर्म कॉलेज में रद्दी की तरह रखे हैं, इसलिए इन्हें अभ्यर्थियों को मुफ्त में दिया जाना चाहिए। इसकी कीमत 70 रुपये लेने का कोई मतलब नहीं। छात्रनेता बोले, प्राचार्य जवाब दें कि अब तक फार्म छपकर क्यों नहीं आए। यह जिम्मेदारी किसकी थी? उसे सस्पेंड किया जाए। छात्रनेता पहले सभागार के सामने हंगामा करते रहे। उसके बाद प्रॉक्टर ऑफिस में उन्होंने प्राचार्य को एक घंटे तक घेरे रखा। वह लगातार सवाल पूछ रहे थे, लेकिन प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह कोई जवाब नहीं दे रहे थे। यह सब चल ही रहा था कि उधर से कर्मचारियों का हुजूम भी नारे लगाते हुए आ गया। कर्मचारी नेता हरीश मौर्य ने कहा, प्राचार्य अपने वादे से मुकर गए हैं। उन्होंने जून का वेतन देेने से इंकार कर दिया है। उनके वादे के बाद ही कर्मचारी अनशन से उठे थे। इसके विरोध में काउंसिलिंग नहीं होने देंगे। कर्मचारियों ने काउंसिलिंग स्थल समेत सभी कार्यालयों में ताले डाल दिए। यहां तक कॉलेज में कोई विद्यार्थी खड़ा दिखा तो उसे भी तुरंत कॉलेज छोड़कर घर जाने को कहा गया।
--------------------
वसूली गई मनमानी फीस
सुबह प्रवेश प्रक्रिया के लिए पहुंची अभ्यर्थियों की भीड़ इतनी ज्यादा थी कि अभ्यर्थियों से फॉर्म की मनमानी फीस वसूली गई। अभ्यर्थियों का ही कहना था कि किसी से फार्म के 70 रुपये लिए गए तो किसी से 170 रुपये। अभ्यर्थियों को फॉर्म की फीस पता न होने की वजह से अभ्यर्थियों ने इसका विरोध भी नहीं किया। पीलीभीत से आए हर्षित जायसवाल को बीएससी का प्रवेश फार्म 70 रुपये का, वहीं पीलीभीत के ही अमित कुमार को बीएससी बायोलॉजी का फार्म 170 रुपये का मिला। अमित से जब पूछा कि 100 रुपये फालतू क्यों दिए तो उन्होेंने बताया, भीड़ इतनी ज्यादा थी कि फॉर्म की सही कीमत जान ही नहीं पाए।

----------
हंगामा देखकर अभिभावक हुए भयभीत
अपने बच्चों को दाखिला दिलाने आए बरेली कॉलेज में आए अभिभावक पहला दिन ही हंगामा वाला देखकर इतना डर गए कि कई छात्राओं के अभिभावकों ने बरेली कॉलेज में दाखिला दिलाने से ही मना कर दिया। उन्होंने अपनी बेटी से कहा कि किसी दूसरे कॉलेज में पढ़ना। यहां पर पढ़ाई का नहीं लड़ाई-दंगे और हंगामे का माहौल है। एक अभिभावक ने नाम न छापने के अनुरोध के साथ बताया, बताओ यहां पर कोई अपनी बेटी को दाखिला दिलाना चाहेगा।
--------------
प्रवेश फॉर्म देर से आने की वजह से छात्रनेताओं ने हंगामा कर दिया। फार्म छापने वाले की लापरवाही ही वजह से दोपहर दो बजे फॉर्म कॉलेज में आ पाए। हालांकि, सुबह पुराने फॉर्म से काउंसिलिंग शुरू हो गई थी। लेकिन, कर्मचारियों ने हड़ताल करके काउंसिलिंग ठप करवा दी। यहां तक कि उन्होंने बरेली कॉलेज में काई भी काम नहीं होने दिया। बुधवार को सुबह समय से बीएससी, बीकॉम और बीए की काउंसिलिंग शुरू हो जाएगी। कोई रुकावट न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन को भी सूचित कर दिया गया है। - डॉ. आरपी सिंह, प्राचार्य
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us