फीनिक्स मॉल में जेनरेटर सप्लाई बंद होने से रुकी लिफ्ट, कई बच्चों के साथ फंसे तीन परिवार

Bareilly Updated Tue, 03 Jul 2012 12:00 PM IST
बरेली। फीनिक्स मॉल में हम करीब सात बजे पहुंचे थे। पहले कॉफी पी और उसके बाद बिग बाजार में खरीददारी करने के लिए लिफ्ट में घुसे। लिफ्ट जरा सा ही नीचे बढ़ी और फिर एक झटके से रुक गई। मैने सोचा कि बिजली चली गई होगी, कुछ सेकेंड्स में आ जाएगी। मैने घड़ी देखी, उस समय सात बजकर पचपन मिनट हुए थे। लिफ्ट में मेरे साथ पीलीभीत से आए लाल खां और पूरनपुर से आए जावेद का परिवार भी था। इनमें एक डेढ़-दो साल का छोटा बच्चा और उनकी पत्नी थीं। इसके अलावा एक 11 साल की बच्ची थी। दो और बच्चे थे, जिनमें एक 12 साल और दूसरा 13 साल का था। कई मिनट गुजर गए, लेकिन लिफ्ट की लाइटें जलीं और न वह आगे बढ़ी। हम लोगों पर दहशत हावी होना शुरू हो गई।
कुछ ही देर बाद ऑक्सीजन की कमी से बच्चों ने हांफना और रोना शुरू कर दिया तो हम सबका सब्र जवाब दे गया। हम लोगों ने पहले लिफ्ट के गेट को जोरों से थपथपाकर यह संकेत देने की कोशिश की कि हम लोग यहां फंसे हैं। उसके बाद भी कुछ नहीं हुआ तो हम महिलाओं ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद हमारे साथ पुरुष भी चिल्लाने लगे। हम चीख-चीखकर चैनल को खींच रहे थे, लेकिन हमारी सुनने वाला कोई नहीं था। 15-20 मिनट तक तो हम सभी चिल्लाते रहे। इसके बाद घुटन की वजह से हम पर बेहोशी सी छाने लगी। पूरनपुर से आई महिला और उनकी गोद में मौजूद डेढ़ साल का बच्चा तो बेहोश होकर नीचे ही गिर गए। इसके बाद हम लोग और डर गए। जितनी भी ताकत थी, उतनी जोर से चिल्लाने लगे। कुछ देर में चिल्लाते-चिल्लाते और लोग भी बेहोश हो गए। मैं भी अपने होश खो बैठी।
मुझे नहीं पता चला कि कैसे लिफ्ट खुली और कैसे मैं बाहर निकली। हमारे साथ आए हमारे साथी अर्जुन देव सिंह जो लिफ्ट में साथ न होकर नीचे बिग बाजार में हमारा इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि लिफ्ट के काफी देर तक नीचे न आने पर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया था। उनके हंगामे के बाद सुरक्षा गार्ड ने किसी तरह प्रयास करके लोहे के चैनल खींचकर गेट खोला। इस समय तक 8:40 बज चुके थे। यानी हम पूरे 45 मिनट तक लिफ्ट में कैद रहे। अर्जुन ने हमें बताया कि लिफ्ट में हम सभी लोग बेहोश मिले। हम सबको पानी और हवा में लिटाने के कुछ देर बाद होश आया। मुझे लगता है कि अगर लिफ्ट दस मिनट और न खुलती तो हम सबकी जान नहीं बच पाती। हमारी लिफ्ट के साथ ही दो और लिफ्ट भी ऐसे ही बीच में फंसी थीं, लेकिन शुक्र था कि वे दोनों खाली थीं। इसके बाद हम लोगों ने मैनेजर को यह वाकया बताने के लिए बड़ी मुश्किल से उनका मोबाइल नंबर पता किया। उन्हें फोन करके पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने सिर्फ इतना कहा, इसमें हम क्या कर सकते थे। इतनी इनकम तो होती नहीं है कि हमेशा जेनरेटर चलाया जा सके। इस घटना के लिए पूरी तरह मैनेजर ही जिम्मेदार हैं। उनकी लापरवाही से हम सबकी जान जा सकती थी।
लेखक एडवोकेट हैं जो बदायूं से सुभाषनगर में रहने वाले अपने परिचित के यहां आई थीं।
------------

फोटो.... अर्जुन देव सिंह

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: बरेली के अस्पताल के ICU में लगी आग, दो महिला मरीजों की मौत

बरेली के एक प्राइवेट अस्पताल में आग लगने से दो महिला मरीजों की मौत हो गई। जबकि एक मरीज गंभीर रूप से घायल हो गया। आग आईसीयू में लगी थी और बताया जा रहा है मरीजों की मौत दम घुटने से हुई है। हालांकि आग की वजह अभी साफ नहीं हुई है।

16 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper