नबाबगंज प्रकरण: भाजपा ने दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम

Bareilly Updated Sat, 30 Jun 2012 12:00 PM IST
घटना की न्यायिक जांच की मांग,
एसडीएम व आरओ को मतगणना से हटाने की मांग भी उठायी
मांगें पूरी न होने पर बंद व उग्र आंदोलन की चेतावनी
सिटी रिपोर्टर
बरेली। नबाबगंज प्रकरण को लेकर भाजपा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओें की एक बैठक जिला कार्यालय पर हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि शासन ने घटना की न्यायिक जांच की मांग समेत अन्य मांगों पर 72 घंटे के भीतर सहानुभूतिपूर्वक विचार न किया गया तो धरना प्रदर्शन करने के साथ ही उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी शासन व जिला प्रशासन की होगी। बैठक में संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नबाबगंज के उपजिलाधिकारी शमशाद हुसैन राज्य सरकार के एक कैबिनेट मंत्री के दबाव में काम कर रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती है। वक्ताओं ने कहा कि यदि नबाबगंज के उपजिलाधिकारी व निर्वाचन अधिकारी को मतगणना ड्यूटी में लगाया गया तो मतगणना का बहिष्कार कर दिया जाएगा।
पार्टी की बैठक में वक्ताओं ने यह मांग उठायी कि घटना की न्यायिक जांच होने तक किसी की भी गिरफ्तारी न की जाए। वक्ताओं ने कहा कि यदि मांगों पर विचार न किया गया तो पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन करने पर उतर जाएंगे। जरूरत होने पर उग्र आंदोलन की शुरुआत की जाएगी जिसकी जिम्मेदारी शासन व जिला प्रशासन के अधिकारियों की होगी। दूसरी ओर बैठक के बाद कुछ पूर्व केंद्रीय मंत्री व पार्टी राष्ट्रीय सचिव संतोष गंगवार की अगुवाई में भाजपा प्रतिनिधिमंडल जिला कारागार में बंद नबाबगंज नगर पालिका के मेयर प्रत्याशी रवींद्र सिंह राठौर समेत अन्य लोगों से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने आश्वासन दिया कि पार्र्टी अपने हक की लड़ाई जीत कर ही रहेगी। बैठक में पूर्व मंत्री बहोरनलाल मौर्य, पूर्व मेयर कुंवर सुभाष पटेल, कुंवर महाराज सिंह, तेजेश्वरी देवी, आदेश प्रताप सिंह, मनोज थपलियाल, डा एनपी आर्य, प्रियाशंकर, समेत कई पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Spotlight

Most Read

Meerut

दो सगी बहनों से साढ़े चार साल तक गैंगरेप, घर लौट आई एक बेटी ने सुनाई आपबीती

दो बहनों का अपहरण कर तीन लोगों ने साढ़े चार वर्ष तक उनके साथ गैंगरेप किया। एक पीड़िता आरोपियों की चंगुल से निकल कर घर लौट आई। उसने परिवार को आपबीती सुनाई।

21 जनवरी 2018

Related Videos

शाहजहांपुर के अटसलिया गांव में नहीं हो रही लड़कों की शादी, ये है वजह

केंद्र सरकार खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यूपी के शाहजहांपुर जिले में एक गांव ऐसा है जहां महिलाओं को आज भी खुले में शौच जाना पड़ता है।

20 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper