मतगणना के बहिष्कार की धमकी

Bareilly Updated Fri, 29 Jun 2012 12:00 PM IST
भाजपा नेताओं ने एसडीएम-आरओ को हटाने और उच्च स्तरीय जांच की मांग की

31 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
एसडीएम के खिलाफ जांच होगी: डीएम

बरेली/नवाबगंज। मतदान के दौरान धांधली का आरोप लगाते हुए भाजपा ने एसडीएम नवाबगंज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व सांसद संतोष गंगवार ने अफसरों को चेतावनी दी है कि अगर एसडीएम और आरओ को नहीं हटाया गया तो भाजपा मतगणना का बहिष्कार करेगी। उधर, इंस्पेक्टर नवाबगंज की ओर से बुधवार को हुए उपद्रव और आगजनी के मामले में 31 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
हाफिजगंज में भाजपा नेताओं का धरना खत्म कराने पहुंचे एडीएम और एसपी (देहात) से बातचीत के दौरान पूर्व सांसद संतोष गंगवार ने कहा कि नवाबगंज में जो कुछ हुआ, उसके लिए पूरी तरह एसडीएम और आरओ जिम्मेदार हैं। अगर इन दोनों अफसरों को न हटाया गया तो भाजपा मतगणना का बहिष्कार करेगी। जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के लिए लाए गए भाजपा प्रत्याशी रविंद्र सिंह राठौर ने भी आरोप लगाया कि एसडीएम शमशाद हुसैन को एक साजिश के तहत नवाबगंज में दोबारा तैैनात किया गया। एसडीएम के निर्देश पर भाजपा समर्थकों पर कई बार लाठीचार्ज किया गया। आगजनी करने वाले भी वही लोग थे जिनको एसडीएम संरक्षण दे रहे थे। उस वक्त भाजपा का कोई नेता या समर्थक वहां मौजूद नहीं था।
कल हुई आगजनी के मामले में प्रभारी निरीक्षक रमेश बाबू यादव ने भाजपा प्रत्याशी, निवर्तमान चेयरमैन रविंद्र सिंह राठौर सहित 31 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। बुधवार को मतदान के दौरान बाईपास पर एक प्राइवेट बस, एक ट्रक और एक बाइक को फूंक दिया था। सब्जीमंडी में तोड़फोड़ की गई थी। कोतवाल ने इस मामले में भाजपा के डॉ. एमपी आर्य, लेखराज, राजकुमार गुप्ता, विनोद गुप्ता, प्रियाशंकर, प्रदीप सूरी, चैतन्य प्रकाश श्रीवास्तव, नीरज शुक्ला, पूर्व सभासद रामकिशन गुप्ता, दीपक सूरी, रामाशंकर गुप्ता, रवि गंगवार, डॉ. राजीव मेहरोत्रा, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजीव गुप्ता, रमाकांत त्रिपाठी, चंद्रप्रकाश गुप्ता को भी नामजद किया है।


फारूख से मारपीट की रिपोर्ट नहीं लिखी
नवाबगंज। आईएमसी समर्थित प्रत्याशी मोहम्मद फारूख मंसूरी के साथ की गई मारपीट के मामले में पुलिस ने अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। हालांकि पुलिस ने उनकी तहरीर की एक प्रति थाने की मुहर लगाकर वापस कर दी हैै। मालूम हो कि बुधवार को मतदान के दौरान जामा मस्जिद मतदान केंद्र पर चेयरमैन पद के आईएमसी समर्थित प्रत्याशी मोहम्मद फारूख मंसूरी के साथ मारपीट की गई थी। श्री मंसूरी ने प्रत्याशी शहला ताहिर, उनके पति डॉ. ताहिर, खतीब अंसारी, जमाल अहमद, रफीक अहमद, शरीफ हसन, कुतुबुुद्दीन, अफताब उर्फ डम्पी, जमील, गौस मोहम्मद और मन्नू पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी थी। पुलिस ने इस मामलेे में अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।

‘नवाबगंज में प्रशासनिक अफसरों की अव्यवस्था से हिंसा और आगजनी हुई है। वहां पर शहला ताहिर और एसडीएम ने बूथ कैप्चरिंग कराई और मनमाने तरीके से अपने पक्ष में फर्जी वोट डलवाए। हमें वहां जाने से रोकने के पीछे क्या औचित्य था। हम तो वहां शांति व्यवस्था की अपील के लिए जा रहे थे।’ - संतोष गंगवार, पूर्व सांसद

‘नवाबगंज में शांति व्यवस्था कायम करा दी गई है। वहां अतिरिक्त फोर्स लगाई है, हम किसी को हिंसा करने की इजाजत नहीं दे सकते हैं। एसडीएम के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, इसकी जांच की जा रही है।’ - मनीष चौहान, डीएम
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नवाबगंज में उपद्रव के लिए प्रशासन जिम्मेदार
भाजपा नेेताओं की घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग
नवाबगंज। नगर में बुधवार को हुए उपद्रव की तमाम लोगों ने निंदा की है। भाजपा नेताओं ने इसके लिए पुलिस और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
भदपुरा के ब्लाक प्रमुख नरोत्तम गंगवार मुन्ना ने कहा कि नवाबगंज में आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ एक साजिश के तहत की गई। उन्होंने उपद्रवियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की। साथ ही पुलिस पर निर्दोषों के उत्पीड़न का भी आरोप भी लगाया है। बोले, चुनाव में विरोध प्रजातांत्रिक तरीके से ही किया जाना चाहिए। इसके लिए तोड़फोड़ करना निंदनीय है।
उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष संजीव गुप्ता ने कहा कि उपद्रवियों का कोई धर्म या मजहब नहीं होता है। वे तो बस माहौल बिगाड़ कर अपना हित साधते हैं। उन्हें किसी भी स्थिति में माफ नहीं किया जाना चाहिए। श्री गुप्ता ने नगर वासियों से अफवाहों से दूर रह कर शांति बनाए रखने की अपील की है। बोले, जब तक सब्जी मंडी में तोड़फोड़ और लूटपाट करने वालों पर रिपोर्ट दर्ज नहीं हो जाती तब तक नगर का बाजार बंद रहेगा।
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव संतोष गंगवार ने नवाबगंज के हालात के लिए पूरी तरह पुलिस और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। कहा, घटना की उच्च-स्तरीय जांच होनी चाहिए। स्थानीय निकाय चुनाव की घोषणा होने के बाद प्रदेश के एक प्रमुख मंत्री की दखलंदाजी के कारण नवाबगंज की स्थिति शुरू से ही संवेदनशील बनी हुई थी। इससे प्रशासन भी वाकिफ था। इस मंत्री के दबाव में ही अफसर अपना दायित्व भूल कर एक प्रत्याशी के चुनाव में शरीक से हो गए। उनकी इसी चूक से नवाबगंज का अमन चैन खतरे में पड़ गया है।
भाजपा के जिला संयोजक महाराज सिंह ने भी उपद्रव के लिए पुलिस, प्रशासन को दोषी ठहराया है। बोले, इस मामले में नवाबगंज क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले मंत्री भी पूरी तरह असहाय नजर आ रहे हैं। उनका अपना क्षेत्र उपद्रव का शिकार है और वह खामोश हैं।

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