विज्ञापन

शहर में पानी के 30 फीसदी कनेक्शन अवैध

Bareilly Updated Fri, 29 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विज्ञापन
शासन ने रिपोर्ट मांगी तो सर्वे कराने पर सामने आई असलियत

आंकड़ों से ज्यादा बड़ा है जरूरत-आपूर्ति का अंतर
अवैध कनेक्शन वैध करने को अब चलेगा अभियान

सिटी रिपोर्टर
बरेली। शहर में करीब 30 फीसदी लोग अवैध रूप से पानी इस्तेमाल कर रहे हैं। इन लोगों ने नगर निगम की पाइप लाइनों से कनेक्शन तो ले रखे हैं, लेकिन इसकी इजाजत नहीं ली है, न टैक्स अदा कर रहे हैं। ऐसे लोगों की पानी की जरूरत को भले ही खारिज न किया जा सकता हो, लेकिन ये लोग नगर निगम के आंकड़ों के गणित को बिगाड़कर ज्यादा बड़ी समस्या पैदा कर रहे हैं। यह गड़बड़ी पानी की जरूरत और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर होते हुए भी उसे छिपाए हुए है। यही वजह है कि पानी की किल्लत से जूझते शहरियों को पर्याप्त आपूर्ति के लिए ठोस योजना नहीं बन पा रही है।
दरअसल कुछ समय पहले शासन ने राज्य के सभी नगर निगमों से इस बारे में रिपोर्ट मांगी थी। नगर निगम के जलकल विभाग ने इसके बाद शहर में सर्वे कराया तो पता चला कि शहर में ऐसे 80 हजार से ज्यादा घर हैं जहां पानी की सप्लाई हो रही है, लेकिन इनमें ऐसे घर 56500 ही हैं जहां वैध रूप से कनेक्शन लिया गया है। यानी शहर में पानी के करीब 30 फीसदी कनेक्शन अवैध हैं। अवैध कनेक्शनों का यह आंकड़ा शायद नगर निगम के रिकॉर्ड में न आता, अगर शासन ने इस बारे में रिपोर्ट न मांगी होती। नगर निगम प्रशासन कनेक्शनों को वैध कराने के लिए कभी-कभार अभियान तो चलाता है, लेकिन यह जानने के लिए सालों से कोई सर्वे नहीं कराया गया था कि शहर में कुल मिलाकर कितने कनेक्शन अवैध हैं।
कहने की जरूरत नहीं कि नगर निगम के अफसरों की यही लापरवाही उन शहरियों को भारी पड़ रही है, जिन्होंने वैध रूप से पानी का कनेक्शन ले रखा है। नगर निगम के पानी की सप्लाई के इंतजामात चूंकि वैध कनेक्शनों की संख्या के हिसाब से भी कम हैं। न तो पर्याप्त ट्यूबवेल हैं, न पाइप लाइनें और न ही ओवर हेड टैंक। अवैध कनेक्शन इस समस्या को और भी ज्यादा भयावह बना रहे हैं। इसके बावजूद नगर निगम पानी की पर्याप्त आपूर्ति के लिए ठोस योजनाएं नहीं बना पा रहा है।

पानी की बर्बादी भी कम नहीं
नगर निगम के आंकड़े ही बताते हैं कि शहर में आमतौर पर पानी की जरूरत के मुकाबले 30 फीसदी कम आपूर्ति हो रही है। कभी कोई ट्यूबवेल खराब होता है या बिजली की सप्लाई नहीं मिल पाती तो यह संकट और बढ़ जाता है। इसके बावजूद शहर में पानी की बर्बादी के नजारों की कोई कमी नहीं है। नगर निगम की ज्यादातर पाइप लाइनें काफी पुरानी होने की वजह से जर्जर हो चुकी हैं। अक्सर यह इनमें लीकेज की वजह से कई-कई दिन तक पानी बर्बाद होता रहता है, लेकिन नगर निगम के अफसर ध्यान नहीं देता। सार्वजनिक स्थानों पर लगे स्टैंड पोस्टों का भी यही हाल है। कई स्टैंड पोस्ट ऐसे हैं जहां टोंटियां न होने की वजह से हर समय पानी बहता रहता है। पानी की यह बर्बादी रोकने को कोई इंतजाम नहीं किया जाता। जागरूकता की कमी की वजह से पानी की सबसे ज्यादा बर्बादी घरों में होती है। सप्लाई शुरू होती है तो तमाम लोग टंकी को खुला छोड़ देते हैं। इसका खामियाजा उन लोगों को भुगतना पड़ता है जो ऊंचाई वाले इलाकों में रहते हैं। वहां तक पानी पहुंच ही नहीं पाता।



शहर में रोजाना पानी की आपूर्ति

पेयजल की आवश्यकता- 141 लाख लीटर
पानी का उत्पादन- 102 लाख लीटर
प्रति व्यक्ति पेयजल की जरूरत- 155 लीटर
प्रति व्यक्ति पेयजल की उपलब्धता-135 लीटर
कनेक्शनों की संख्या- 56500
ट्यूबवेलों की संख्या- 52


बाक्स
अवैध कनेक्शनों को वैध कराने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। काफी हद तक सफलता भी मिली है। बरेली में यूडीआईएसएमटी योजना लागू होने के बाद अवैध कनेक्शन काफी हद तक कम हो जाएंगे। -...आरबी राजपूत, प्रभारी महाप्रबंधक जलकल

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Bareilly

कई ट्रेनें सहारनपुर, लक्सर, नजीबाबाद होकर नहीं जाएंगी

रेलवे के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक डिब्रुगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस (15903) का मार्ग आज से बदल गया है।

17 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

5 साल की बच्ची के साथ रेप की कोशिश

यूपी के बरेली में 5 साल की बच्ची से दरिंदगी का मामला सामने आया है। चाउमिन का ठेला लगाने वाले एक युवक पर बच्ची के साथ रेप की कोशिश का आरोप है।

9 सितंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree