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बिलवा के पास रेलवे ट्रैक के नीचे से जा रहा बिजली केबिल कटा

Bareilly Updated Wed, 27 Jun 2012 12:00 PM IST
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कोहाड़ापीर और डीडीपुरम के उपकेंद्र ठप

- 12 घंटे बाद आईवीआरआई फीडर से जोड़ गए ये इलाके
- लोड ज्यादा होने से कुछ ही देर बाद फिर करनी पड़ी कटौती
- अधीक्षण अभियंता ने कहा, फॉल्ट सही होने में लगेंगे कई दिन

बरेली। सीबीगंज के बड़े उपकेंद्र से डीडीपुरम और कोहाड़ापीर उपकेंद्रों को आ रही बिजली लाइन में बिलवा के पास फॉल्ट हो गया। यहां रेलवे ट्रैक के नीचे से केबिल पास किया गया है, जो मंगलवार की सुबह सात बजे बर्स्ट हो गया। नतीजतन, डीडीपुरम और कोहाड़ापीर उपकेंद्र से जुड़े कई इलाकों की बिजली गुल हो गई। शाम छह बजे इन उपकेंद्रों को आईवीआरआई फीडर से जोड़ा गया, लेकिन लोड अधिक हो जाने से यह उपाय कारगर साबित नहीं हुआ। अधीक्षण अभियंता नगर के मुताबिक, फॉल्ट इतना बड़ा है कि इसे ठीक करने में कम से कम तीन से चार दिन लगेंगे।
डीडीपुरम उपकेंद्र से डीडीपुरम, मॉडल टाउन और संजयनगर इलाका, जबकि कोहाड़ापीर उपकेंद्र से कोहाड़ापीर, भूड़, दीवानखाना, बानखाना, और आसपास के इलाके जुड़े हैं। सुबह सात बजे इन इलाकों की बिजली अचानक गायब हो गई। दो घंटे इंतजार के बाद भी बिजली नहीं आई तो लोगों ने दोनों उपकेंद्रों पर फोन करके इसकी वजह जाननी चाही। इससे इंजीनियरों को कहीं फॉल्ट होने का पता चला। करीब दस बजे बिजली विभाग की टीम ने फॉल्ट ढूंढना शुरू किया। तीन घंटे की चेकिंग के बाद बिलवा में रेलवे ट्रैक के नीचे फॉल्ट होने का पता चला। चूंकि, सीबीगंज से डीडीपुरम की लाइन बिलवा में रेलवे ट्रैैक को पार करती है, इसलिए यहां ओवरहेड लाइन की जगह अंडरग्राउंड केबिल डाला गया है। इंजीनियरों के मुताबिक, यहां अंडरग्राउंड केबिल बॉक्स फुंक गया है। डीडीपुरम उपकेंद्र से ही कोहाड़ापीर उपकेंद्र जुड़ा है। नतीजतन, इससे जुड़े इलाकों की बिजली भी गुल हो गई।
विभागीय टीम ने क्षतिग्रस्त केबिल को ठीक करने की कोशिश की, मगर इसमें सफलता नहीं मिली। इसके बाद पूरे केबिल को ही निकालने का फैसला लिया गया है। इसके लिए ट्रैक के नीचे खुदाई करनी पड़ेगी, जिसकी रेलवे से अनुमति लेना जरूरी है। इस अनुमति के लिए बिजली विभाग के अफसरों ने रेलवे के अफसरों से संपर्क किया है। उपभोक्ताओं के गुस्से को देखते हुए शाम छह बजे डीडीपुरम और कोहाड़ापीर उपकेंद्रों को आईवीआरआई फीडर से जोड़ दिया गया। इससे इन उपकेंद्रों से जुड़े कुछ मोहल्लों और कॉलोनियों को घंटे भर बिजली मिली, मगर फिर ओवरलोडिंग की समस्या आ गई। देररात तक बारी-बारी से कुछ हिस्सों को बिजली देने का सिलसिला जारी था।


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रेलवे लाइन के नीचे भूमिगत केबिल होने की वजह से कुछ दिक्कतें आ रही है। लेकिन उपभोक्ताओं की समस्याआें को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत का काम कराया जाएगा। बहरहाल, वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आईवीआरआई पॉवर हाउस से आपूर्ति सुनिश्चित करायी जा रही है। ....वीपी वर्मा, अधीक्षण अभियंता

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