विज्ञापन

कानूनी पचड़े में फंसी वंश की जिंदगी

Bareilly Updated Mon, 25 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विज्ञापन
कोलकाता से बरेली लाए बिना एनओसी देने को सीएमओ तैयार नहीं




- कोलकाता के हॉस्पिटल में होना है किडनी ट्रांसप्लांट
- एक बार कोलकाता ले जाकर बरेली लाना संभव नहीं
शालिनी
बरेली। शास्त्रीनगर के भटनागर दंपति की इकलौती संतान वंश की किडनी ट्रांसप्लांट के लिए रुपयों का इंतजाम तो हो गया, लेकिन कानूनी पचड़ों के चलते ट्रांसप्लांटेशन मुमकिन नहीं हो पा रहा है। कोलकाता के एक अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट होनी है और इसके लिए जरूरी है कि वंश को वहां लेकर जाकर शुरुआती औपचारिकताएं पूरी की जाएं। लेकिन, ट्रांसप्लांटेशन तभी होगा जब कोलकाता अस्पताल से मिले दस्तावेज पर बरेली के सीएमओ दस्तखत करें। यहां के सीएमओ का कहना है कि वंश के उनके दफ्तर में आने पर ही वह दस्तखत करेंगे, जबकि हर दूसरे दिन डायलिसिस होने के चलते वंश की हालत ऐसी नहीं है कि उसे एक बार कोलकाता ले जाकर बरेली वापस लाया जा सके। वंश की मां विशाखा भटनागर ने सीएमओ से काफी गुहार की और सिटी मजिस्ट्रेट से भी कहलवाया, मगर सीएमओ ने नियमों का हवाला देते हुए राहत देने से इनकार कर दिया।
याद होगा कि वंश के इलाज के लिए उनके मां-पिता के पास रुपये नहीं थे। शहर के संवेदनशील लोगों और स्कूली बच्चों की मदद से किडनी ट्रांसप्लांट के लिए जरूरी रकम का इंतजाम हुआ। लेकिन अब सबकुछ नियम-कायदों में उलझ गया। विशाखा भटनागर के मुताबिक, कोलकाता के मेडिका हॉस्पिटल में वंश की किडनी ट्रांसप्लांट होनी है। लेकिन, इसके लिए बरेली के सीएमओ की एनओसी भी जरूरी है। एनओसी देने से पहले किडनी दान करने वाले व्यक्ति और मरीज की मौजूदगी में उनकी सारी रिपोर्ट्स देखी जाती हैं। सभी जांच रिपोर्ट्स को एक कमेटी वेरिफाई करती है।
वंश की मां का कहना है, वंश को कोलकाता ले जाने के बाद कागज पूरे करके दोबारा बरेली सीएमओ के पास लाने की स्थिति नहीं होगी। क्योंकि, वंश की हर दूसरे दिन डायलिसिस हो रही है। वहां से यहां आने में ही दो दिन का समय लग जाता है। इसलिए, खास सहूलियत की जरूरत होगी। उनका यह भी कहना है कि डोनर और रोगी को कोलकाता ले जाने से पहले सीएमओ के सामने लाने को तैयार हैं, लेकिन सीएमओ उसे कोलकाता से दोबारा लाने की बात कर रहे हैं। अपनी इस समस्या को लेकर वह सिटी मजिस्ट्रेट से भी मिलीं। लेकिन, इसका कोई फायदा नहीं हुआ। इस बारे में सीएमओ एके त्यागी का कहना है, जब तक कमेटी के लोग और मैं खुद रोगी को देखूंगा नहीं, प्रमाणित कैसे करूंगा। इसके लिए बने एक्ट से अलग हटकर कुछ नहीं किया जा सकता।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Bareilly

बरेली: डकैती का विरोध करने पर मकान मालिक की गोली मारकर हत्या, मौके पर पहुंची पुलिस

डकैती का विरोध करने पर बदमाशों ने मकान मालिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के दौरान कई राउंड गोलियां भी चली।

14 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

5 साल की बच्ची के साथ रेप की कोशिश

यूपी के बरेली में 5 साल की बच्ची से दरिंदगी का मामला सामने आया है। चाउमिन का ठेला लगाने वाले एक युवक पर बच्ची के साथ रेप की कोशिश का आरोप है।

9 सितंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls
Niine

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree