20 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर

Bareilly Updated Fri, 15 Jun 2012 12:00 PM IST
तमंचे से गोली मारी गई थी सिपाही रामनिरंजन सिंह को, अभियुक्तों की गिरफ्तारी को दो टीमें बनीं

हत्यारों की शहर में तलाश, कई जगह दबिश
मुरादाबाद जीआरपी की टीम भी बरेली पहुंची

सिटी रिपोर्टर
बरेली। रेलवे जंक्शन पर बुधवार शाम बिजनौर में तैनात सिपाही रामनिरंजन सिंह की हत्या गोली मारकर की गई थी। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद यह बात साफ हुई। सिपाही के बेटे की तरफ से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। बृहस्पतिवार को जीआरपी के आईजी, डीआईजी और एसपी ने बरेली पहुंचकर घटना की पूरी जानकारी ली। हत्या करने वालों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें बनाई गई हैं।
रामनिरंजन सिंह हरिद्वार-इलाहाबाद एक्सप्रेस से हरिद्वार से परिवार के साथ प्रतापगढ़ के फत्तनपुर इलाके में अपने पैतृक गांव करका सुवंशा जा रहे थे। वहां 17 जून को उनके भाई की बेटी की शादी थी। ट्रेन की जनरल बोगी में सवार रामनिरंजन का हरिद्वार में ही सामान चढ़ाने के दौरान कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था। बरेली में ट्रेन में ही उनकी हत्या कर दी गई। बृहस्पतिवार को रामनिरंजन सिंह के बेटे हरेंद्र की ओर से थाना जीआरपी में 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और मारपीट के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया। अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए बनाई गई टीमों ने शहर के कई इलाकों में दबिश दी, हालांकि उसे सफलता नहीं मिल पाई। बृहस्पतिवार सुबह जीआरपी के आईजी एकेडी द्विवेदी, डीआईजी हरीराम शर्मा और एसपी आरएम श्रीवास्तव भी बरेली पहुंचे। अफसरों ने यहां जीआरपी स्टाफ से घटना की जानकारी ली। जीआरपी बरेली के अलावा मुरादाबाद जीआरपी की एक टीम ने भी बरेली में कई जगह दबिश दी। दरअसल रामनिरंजन सिंह का हरिद्वार के बाद मुरादाबाद में भी झगड़ा हुआ था। इसके बाद मुरादाबाद स्टेशन पर जीआरपी ने दोनोें पक्षों के कई लोगों के नाम-पते भी नोट किए थे। इसी आधार पर मुरादाबाद की जीआरपी अभियुक्तों को तलाश कर रही है।

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सतर्कता बढ़ी, सघन चेकिंग का आदेश
हरिद्वार-इलाहाबाद एक्सप्रेस में सिपाही निरंजन सिंह की हत्या के बाद रेल प्रशासन ने ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने का निर्देश दिया है। बृहस्पतिवार को जंक्शन पर भी पूरे दिन सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। सीआईटी मोहम्मद बिलाल ने बताया कि इस अभियान में जंक्शन पर कई लोगों को पकड़ा गया, जिन पर जुर्माना डाला गया है।
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तमंचे से मारी गई थी गोली
सिपाही राम निरंजन सिंह की हत्या 315 बोर के तमंचे से गोली मारकर की गई थी। शव का देर रात पोस्टमार्टम कराया गया। गोली खोजने के कारण पोस्टमार्टम में करीब तीन घंटे का समय लगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक गोली सीने में बायीं ओर लगी। दिल और एक फेफड़े के साथ आंतों को भी गोली ने बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया था। दिल के क्षतिग्रस्त होने की वजह से ही रामनिरंजन सिंह की मौत हुई।

इंस्पेक्टर जीआरपी की भूमिका की जांच होगी
बरेली स्टेशन पर बिजनौर में तैनात सिपाही राम निरंजन की गोली मार कर हत्या किए जाने के मामले में बरेली के इंस्पेक्टर जीआरपी की भूमिका की जांच होगी। हमारे लखनऊ कार्यालय के मुताबिक आईजी कानून-व्यवस्था बीपी सिंह ने इस घटना को गंभीर बताया। घायल सिपाही को अस्पताल पहुंचाए जाने में विलंब करने के आरोप पर उन्होंने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी। आईजी ने कहा जक जांच में अगर इंस्पेक्टर पर लगे आरोप सही साबित होंगे तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दो हमलावरों की शिनाख्त हो गई है और जल्दी ही गिरफ्तारी भी कर ली जाएगी।

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