बिजली देने में भेदभाव, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Bareilly Updated Fri, 15 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विज्ञापन

बहेड़ी के निवर्तमान चेयरमैन ने दायर की याचिका
- रामपुर और मुरादाबाद को ज्यादा बिजली देने पर एतराज
- संविधान प्रदत्त समानता के अधिकार का उल्लंघन बताया
- आज अपना पक्ष रखेगी सरकार, तैयारी में जुटे रहे अफसर
बरेली। बिजली देने में जिलों के बीच भेदभाव के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। बहेड़ी के निवर्तमान चेयरमैन जमील अहमद की ओर से दायर इस याचिका में बहेड़ी के मुकाबले रामपुर और मुरादाबाद को ज्यादा बिजली दिए जाने को आधार बनाया गया है। याचिका में इस भेदभाव को संविधान में दिए गए ‘हर नागरिक का संसाधनों पर समान अधिकार’ का उल्लंघन बताया गया है। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर राज्य सरकार को शुक्रवार को अपना पक्ष रखने को कहा है। बृहस्पतिवार को बिजली विभाग के स्थानीय अफसर जवाब दाखिल करने के लिए तैयारियों में जुटे रहे।
याचिका में कहा गया है कि बहेड़ी को बमुश्किल आठ घंटे बिजली मिल रही है। जबकि कुछ ही दूर स्थित रामपुर और मुरादाबाद को चौबीस घंटे सप्लाई दी जा रही है। इसके कारण सभी जानते हैं। बहेड़ी में अच्छी खासी तादाद में कृषि आधारित उद्योग धंधे और राइस मिलें हैं। यहां बिजली की ओवरहेड लाइनों और उपकेंद्र का रखरखाव भी ठीक नहीं है। लिहाजा कंट्रोल से की जाने वाली आपूर्ति भी पूरी तरह नहीं मिल पाती। बिजली न मिल पाने से आम बाशिंदे तो परेशान है हीं, उद्योगों पर भी इसका खराब असर पड़ रहा है। ये सब संविधान के अनुच्छेद 21, 39 और 47 का सरासर उल्लंघन है।
हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार और बिजली विभाग को शुक्रवार को जवाब दाखिल करने को कहा है। बिजली लाइन जर्जर होने और उपकेंद्र का रखरखाव ठीक न होने के बाबत जवाब स्थानीय एक्सईएन संदीप कुमार मित्तल के दफ्तर में तैयार किया गया। संदीप कुमार ने बताया कि रिछा उपकेंद्र की क्षमता 20 एमवीए से बढ़ाकर 40 एमवीए करने, जर्जर तार बदलने और बिना किसी बाधा के आपूर्ति देने को टीपीएम (ट्राई पोल मैनुअली ऑपरेटेड स्विच) लगाने के लिए 37 लाख रुपये का बजट मंजूर हो चुका है। निकाय चुनाव की आचार संहिता खत्म होते ही यह काम करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग के वकील शुक्रवार को उनकी ओर से यह जवाब भी दाखिल करेंगे।
-------
संविधान के अनुच्छेद 21, 39 और 47 का मतलब
अनुच्छेद 21 में सभी को जीने का अधिकार दिया गया है। अनुच्छेद 39 में उपलब्ध संसाधनों पर हर नागरिक के समान अधिकार होने की बात कही गई है। इसमें कहा गया है कि संसाधन एक ही स्थान पर केंद्रित नहीं किए जाएंगे। जीविका कमाने का भी सभी को समान अधिकार होगा। जबकि, अनुच्छेद 47 कहता है कि राज्य बिना किसी भेदभाव के अपने नागरिकों का जीवन स्तर ऊंचा उठाएगा।
-----------
रामपुर, मुरादाबाद और बदायूं के बराबर ही बिजली पाने का हमें भी हक है। एक जगह ज्यादा बिजली देंगे और दूसरी जगह कम तो इससे कम बिजली पाने वाले इलाकों में जीविका के साधनों पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि बाजार में इन इलाकों के उद्यमी कहीं नहीं टिक पाएंगे। हमारी पूरी तरक्की बिजली पर निर्भर है। इसलिए बिजली देने में भेदभाव तरक्की के समान अधिकार देने में भेदभाव है। हमारा संविधान इसकी इजाजत नहीं देता। इसलिए मैंने अवाम के हित में अदालत का दरवाजा खटखटाया। -जमील अहमद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us