विज्ञापन

बड़ा बाईपास प्रोजेक्ट में बड़ी छलांग, पांच गांवों की मुआवजे की दर तय

Bareilly Updated Wed, 13 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विज्ञापन
- बुधवार को अह्लादपुर के किसानों को दिया जाएगा मुआवजा
- प्रशासन ने तय किए जमीन के रेट 25-26 लाख रुपये हेक्टेयर
बरेली। बड़ा बाईपास प्रोजेक्ट से प्रभावित पांच गांवों के किसानों के लिए मुआवजे की दर तय कर दी गई है। उन्हें सड़क किनारे की जमीन के 26 लाख रुपये और सड़क से दूर वाली जमीन के 25 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा मिलेगा। बुधवार को इनमें से एक गांव अह्लादपुर के किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। बड़ा बाईपास प्रोजेक्ट की प्रगति में इन गांवों का मुआवजा तय होना एक बड़ी छलांग है।
बड़े बाईपास में 33 गांवों की जमीन अधिग्रहीत की गई है। सोमवार की देर रात इनमें से पांच गांवों के रेट फाइनल कर दिए गए। गांव या सड़क से दूर की जमीन के 25 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर और गांव या सड़क से सटी जमीन के 26 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया जाएगा। यहां बता दें कि सन् 2006 के बाद से लगातार रेट तय करने की कोशिश की जा रही थी, मगर किसानों के विरोध के चलते इसमें कामयाबी नहीं मिली। इस साल किसानों और एनएचएआई के अफसरों को एक साथ बैठाकर जिला प्रशासन ने बात की तो बात बन गई। इसके बाद एनएचएआई के अफसरों ने गांव-गांव जाकर किसानों के साथ अलग-अलग अनुबंध किए। अह्लादपुर, रूपापुर, बढ़ेपुरा नवदिया, बिथरी चैनपुर और कलारी गांवों के सभी प्रभावित किसानों ने अनुबंध पत्र पर दस्तखत कर दिए। डीएम और कमिश्नर की सहमति मिलने के बाद एसएलएओ ने मुआवजे की दर के बाबत आदेश जारी कर दिया।
इसके अलावा सात और गांवों के किसान तय मुआवजे पर सहमति पत्र दे चुके हैं। इस फाइल पर डीएम की संस्त़ुति भी हो चुकी है। सिर्फ कमिश्नर की सहमति बाकी है। उधर, प्रशासन ने बुधवार से मुआवजा देने का सिलसिला शुरू करने का फैसला लिया है। बुधवार को अह्लादपुर के किसानों को बुलाया गया है। यहां के किसानों को मुआवजा देने का काम पूरा होने के बाद बाकी चार गांवों के लिए अगली तारीखें लगाई जाएंगी।
----------------
2003 में जारी हुई थी अधिसूचना
बड़ा बाईपास के निर्माण के लिए 2003 में अधिसूचना जारी हुई थी, मगर मुआवजे पर सहमति न बन पाने के चलते आज तक अधिग्रहीत जमीन को कब्जे में नहीं लिया जा सका। किसान भुगतान के समय के सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा देने की मांग करते रहे, मगर एनएचएआई (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के अफसर मार्केट रेट पर ही भुगतान करने पर अड़े रहे। अब जाकर कहीं 25 गांवों के किसानों के साथ मुआवजे पर सहमति बनी है। अभी भी परसाखेड़ा, दंतिया, टियूलिया, रजऊ परस्पुर, बिलवा, भूड़ और मुड़िया अहमदनगर आदि गांव के किसान मुआवजे को कम बताते हुए जमीन पर से कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
-----
फरीदपुर में मुआवजा लेने नहीं आए किसान
फरीदपुर के बाईपास में जिन किसानों की जमीन जा रही है, उन्हेें मंगलवार को मुआवजा लेने के लिए वहां एडीएम दफ्तर में बुलाया गया था, मगर ज्यादातर किसान आए ही नहीं। एसएलएओ दफ्तर के एक बाबू ने बताया कि प्रभावित किसानों में ज्यादातर बरेली शहर में रहते हैं, इसलिए वह पहुंच नहीं सके। अब मुआवजा लेने के लिए किसानों को कलक्ट्रेट स्थित एसएलएओ दफ्तर में बुलाया जाएगा।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Bareilly

सीएम, डिप्टी सीएम समेत कई बड़े भाजपा नेताओं से मिले पप्पू भरतौल

पुलिस की दबिश का वीडियो दिखाने पर डिप्टी सीएम ने अफसरों से ली जानकारी

25 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

5 साल की बच्ची के साथ रेप की कोशिश

यूपी के बरेली में 5 साल की बच्ची से दरिंदगी का मामला सामने आया है। चाउमिन का ठेला लगाने वाले एक युवक पर बच्ची के साथ रेप की कोशिश का आरोप है।

9 सितंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree