रेता, बजरी वालों की मनमानी पर नहीं है कोई रोक नहीं चला अभियान

Bareilly Updated Wed, 30 May 2012 12:00 PM IST
बरेली। सड़क पर फैले रेता, बजरी से खूनी हादसे हो रहे हैं। मगर जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों को इससे कोई सरोकार नहीं। अफसर समस्या को दूर करने के बजाय एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। इसी का नतीजा है कि बदायूं रोड पर प्रापर्टी डीलर की मौत के बावजूद मंगलवार को रेता, बजरी वालों के खिलाफ अभियान नहीं चलाया गया।


- रेता, बजरी हटाने की जिम्मेदारी पीडब्लूडी की उतनी नहीं, जितनी जिला प्रशासन और पुलिस की है। जब तक पुलिस और प्रशासन नहीं चाहेगा पीडब्लूडी वाले कुछ नहीं कर सकते। राष्ट्रपति के आने के दौरान पीलीभीत बाईपास रोड का रेता, बजरी, खोखे हटवाकर गड्ढों में भरवा दिए गए थे, लेकिन बाद में दुबारा रोड पर आ गया। एसडीएम और तहसीलदार कुछ देखते नहीं। ट्रैक्टर- ट्राली चालक जहां चाहते ढेर लगा देते हैं। उनके खिलाफ खनन के तहत कार्रवाई की जा सकती है। -हर स्वरूप, एक्सईएन पीडब्लूडी (एनएच)

- रोड पर रेता, बेचने वालों को नोटिस जारी होते हैं। स्टाफ इतना तो है नहीं जो दो सहायक अभियंता या जेई सड़क पर खड़े कर दिए जाएं। इसके लिए और भी विभाग हैं। ठोस कार्रवाई पुलिस, जिला प्रशासन को करना चाहिए। -डीके अहरवाल, पीडब्लूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन

- जिला प्रशासन को धारा 133 के तहत कार्रवाई करने का अधिकार है। ऐसे में यह सिटी मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी बनती है कि वह रेता, बजरी को हटवाएं। नगर निगम को केवल जब्त करने का अधिकार है। कार्रवाई करना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है। -उमेश प्रताप सिंह, नगर आयुक्त

- रेता, बजरी वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। मगर अभी काम बहुत है। एक सप्ताह तक परीक्षाएं हैं। 31 मई से नामांकन होगा। चौबारी मेला भी है। मगर अभियान तो चलना ही है। -शिव सागर सिंह, एसपी सिटी

- नगर निगम से बात हो गई है। मंगलवार को सुभाष नगर रोड पर चिन्हीकरण किया जाएगा। दो दिन बाद रेता, बजरी और रोड पर फैले बाकी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। सड़क पर कारोबार करने वालों से जुर्माना वसूलने के साथ उनका सामान जब्त किया जाएगा। सामान हटाने में आने वाला खर्च वसूलने के लिए भी नगर निगम से कहा गया है। - शीलधर यादव, सिटी मजिस्ट्रेट

Spotlight

Most Read

National

पुरुष के वेश में करती थी लूटपाट, गिरफ्तारी के बाद सुलझे नौ मामले

महिला लड़कों के ड्रेस में लूटपाट को अंजाम देती थी। अपने चेहरे को ढंकने के लिए वह मुंह पर कपड़ा बांधती थी और फिर गॉगल्स लगा लेती थी।

20 जनवरी 2018

Related Videos

शाहजहांपुर के अटसलिया गांव में नहीं हो रही लड़कों की शादी, ये है वजह

केंद्र सरकार खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यूपी के शाहजहांपुर जिले में एक गांव ऐसा है जहां महिलाओं को आज भी खुले में शौच जाना पड़ता है।

20 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper