सुबह हो या शाम जाम है आम

Bareilly Updated Mon, 28 May 2012 12:00 PM IST
बरेली। अयूब खां चौराहे की पहचान अब सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा से नहीं, बल्कि आए दिन होने वाले धरना-प्रदर्शन से होने लगी है। किसी भी संगठन या संस्था को जब भी प्रदर्शन के लिए कोई मुद्दा मिलता है, तो हाथों में तख्ती बैनर लिए यहीं चले आते हैं। अक्सर उनका प्रदर्शन जाम की वजह बनता है, जो राहगीरों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं होता। कई बार तो इस जाम में एंबुलेंस या परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थी भी फंस जाते हैं। लेकिन, धरना प्रदर्शन करने वालों को उनकी इस दिक्कत से कोई सरोकार नहीं होता।
दूसरे शहरों में धरना-प्रदर्शन के लिए एक स्थान नियत कर दिया जाता है, लेकिन हमारे यहां ऐसा नहीं है। नतीजतन, जिसका जब जहां मन करता है, वहां प्रदर्शन करता है। इसमें राजनीतिक दल हों या व्यापारिक संगठन या फिर सामाजिक संस्थाएं, कोई भी पीछे नहीं है। प्रमुख अस्पतालों, शिक्षण संस्थाओं और रोडवेज बस स्टेशन को जाने वाला रास्ता अयूब खां चौराहे से होकर ही गुजरता है। अक्सर इन जगहों को जाने के लिए लोग घर से निकलते हैं और धरने की वजह से लगने वाले जाम में फंसकर रह जाते हैं। पिछले दिनों यहां प्रदर्शन करने वाले संगठनों और राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारी भी मानते हैं कि इससे जाम लगता है, लेकिन यही एकमात्र ऐसी जगह है, जहां समर्थक आसानी से पहुंच जाते हैं। अगर प्रशासन सभी के लिए प्रदर्शन के लिए कोई एक जगह तय कर देता है, तो इसमें उन्हें कोई एतराज नहीं होगा।

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ज्यादा से ज्यादा लोगों तक चला जाता है संदेश
अयूब खां पर प्रदर्शन करने से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक संदेश चला जाता है। हमारी कोशिश रहती है कि धरना प्रदर्शन के दौरान जाम न लगने पाए। लेकिन, अगर प्रशासन धरने के लिए कोई जगह तय करता है, तो हम भी वहीं प्रदर्शन करेंगे।- फहीम साबिर, महानगर अध्यक्ष सपा

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कम समय में पहुंच जाते हैं यहां
शहर के बीचोबीच में स्थित होने के चलते सभी जगह के कार्यकर्ता बहुत ही कम समय में अयूब खां चौराहे पहुंच जाते हैं। धरना-प्रदर्शन के दौरान इस बात का भी ध्यान रखा जाता है कि शहरियों को आवाजाही में दिक्कत न हो।-सुधीर जैन, महानगर संयोजक भाजपा
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अयूब खां चौराहे पर प्रदर्शन पर लगे रोक
कांग्रेस ने हाल फिलहाल में अयूब खां चौराहे पर कोई प्रदर्शन नहीं किया है। लेकिन, जिस तरीके से आए दिन चौराहे पर धरना प्रदर्शन हो रहे हैं, यह वाकई शहरियों को परेशान करना वाला है। राजनीतिक दलों व व्यापारिक संगठनों को धरना देने के लिए कोई और स्थान चुनना चाहिए।-कासिम कश्मीरी, महानगर अध्यक्ष कांग्रेेस
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अयूब खां के अलावा कहां करें प्रदर्शन
किसी प्रकार का धरना प्रदर्शन शहरियों को समस्याओें के प्रति जागरूक करने व सरकारी तंत्र को संदेश देने के लिए किया जाता है। ऐसे मेें यदि धरना प्रदर्शन अयूब खां चौराहे पर न किया जाए तो भला कहां करें? प्रदर्शन के दौरान थोड़ा बहुत जाम तो लगता ही है।- विशाल मेहरोत्रा , महानगर अध्यक्ष उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन
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तय होना चाहिए स्थान
धरना प्रदर्शन गली कूचों में करने के बजाए ऐसे स्थानों पर किया जाता है, जिससे अपनी बात ज्यादा से ज्यादा लोगोें केे बीच पहुंचाई जा सके। जाम न लगे, इसकी पूरी कोशिश करते हैं। प्रदर्शन की जगह तय कर दिए जाने का भी हम स्वागत करेंगे।-रामकृष्ण शुक्ला, महानगर अध्यक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
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प्रभावित होती है यातायात व्यवस्था
अयूब खां चौराहा पर पहुंचने में किसी को कोई दिक्कत नहीं होती, इसलिए ज्यादातर प्रदर्शन वहीं होते हैं। प्रदर्शन के दौरान हमारा उद्देश्य किसी को परेशान करने का नहीं होता, फिर भी यातायात व्यवस्था थोड़ी बहुत प्रभावित हो ही जाती है।- राजेंद्र गुप्ता, प्रदेश युवा अध्यक्ष, उद्योेग व्यापार प्रतिनिधिमंडल

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तय की जाएगी एक जगह
शहर में धरना प्रदर्शन के लिए एक जगह तय की जाएगी। इसके लिए जल्द ही व्यापारी संगठनों, प्रमुख संस्थाओं और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की एक बैठक बुलाई जाएगी। -मनीष चौहान, डीएम

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