शिशु मंदिरों के आचार्यों ने जाना योग का महत्व

Bareilly Updated Sat, 26 May 2012 12:00 PM IST
बरेली। भारतीय शिक्षा समिति ब्रज प्रांत की ओर से जयनारायण सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में चल रहे आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के तीसरे दिन आचार्यों को योग का प्रशिक्षण दिया गया। पतंजलि योग पीठ के पूर्व योग शिक्षक बाबूराम गंगवार ने योग और उसका महत्व बताया। प्रशिक्षण के पहले सत्र में अखिल भारतीय विद्या भारती के संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र ने आचार्यों को शिक्षण के क्षेत्र में आए बदलावों की जानकारी दी। बताया, बच्चों में भी अवलोकन, विश्लेषण, संश्लेषण, निष्कर्ष, तर्क, चिंतन आदि की क्षमता होती है। बस जरूरत है इसे विकसित करने के लिए उपयुक्त वातावरण और अवसर देने की। इन क्षमताओं को विकसित करने के बाद ही बच्चे विषय के ज्ञान को खुद ही अर्जित कर लेंगे।
रूहेलखंड विश्वविद्यालय के प्लांट साइंस के प्रोफेसर अजय कुमार जेटली ने कहा कि शिक्षक को एक पेड़ की तरह होना चाहिए, जो फल आने पर खुद को झुका देता है। शिविर में मुख्य रूप से कॉलेज के प्रधानाचार्य बृजमोहन शर्मा, गिरराज सिंह, संजीव गुप्ता, चंद्रशेखर मिश्र, सौरभ अग्रवाल, सुनील गुप्ता, संदीप मिश्रा, रामपाल, रविकांत पाठक, सूर्यप्रकाश, देवशंकर मिश्र आदि प्रशिक्षण दे रहे हैं।

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