ऐसी परीक्षा जिसमें कोई फेल नहंी होता

Bareilly Updated Thu, 17 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर Free में
कहीं भी, कभी भी।

70 वर्षों से करोड़ों पाठकों की पसंद

ख़बर सुनें
बरेली। हर परीक्षा में कोई पास होता है और कोई फेल। दरअसल परीक्षा का मतलब ही यही होता है, लेकिन एक परीक्षा ऐसी भी है जिसमें हर साल हजारों लोग शामिल होते हैं और इनमें से कोई फेल नहीं होता। किसी भी शख्स की यह परीक्षा ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने से पहले होती है जो परिवहन विभाग के अफसर लेते हैं। इस परीक्षा का नतीजा शत-प्रतिशत रहने की वजह से हमेशा उस पर सवाल उठते हैं, लेकिन अफसरों को फिर भी यह दावा करने से कोई गुरेज नहीं कि ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में नियम-कायदों का पूरा पालन किया जा रहा है।
विज्ञापन

परिवहन विभाग के आंकड़ों पर नजर डाले तो वर्ष 2011-12 में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 275867 लोगों ने आवेदन किया और इन सभी को लाइसेंस जारी हो गए। इन लोगों में से 11008 ने प्रोफेशनल लाइसेंस और 257799 लोगों ने नॉन प्रोफेशनल लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इन लोगों में 7165 आवेदक महिलाएं थीं। परिवहन विभाग के अफसरों के दावे पर यकीन किया जाए तो पौने तीन लाख से ज्यादा इन सभी आवेदकों की बाकायदा परीक्षा ली गई, लेकिन इनमें से किसी को भी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अयोग्य नहीं पाया गया। एआरटीओ (प्रशासन) एमएल चौरसिया इतना जरूर बताते हैं कि कोई आवेदक अगर पहली बार परीक्षा में पास नहीं होता तो दूसरी बार में हो जाता है। हर महीने औसतन 70-80 लोग फेल होते हैं, जो परिवहन विभाग की ओर से निर्धारित 50 रुपये की फीस देकर दोबारा परीक्षा में शामिल होते हैं। कभी ऐसा नहीं हुआ कि दूसरी बार भी कोई आवेदक फेल हो गया हो।
सिर्फ ट्रैफिक संकेतों के ज्ञान की परीक्षा
परिवहन विभाग के अफसरों के मुताबिक ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों की परीक्षा में उनसे सिर्फ ट्रैफिक सिग्नल और संकेतों के बारे में उनके ज्ञान का जायजा लिया जाता है। किसी ने चाहे प्रोफेशनल लाइसेंस के लिए आवेदन किया हो चाहे नॉन प्रोफेशनल लाइसेंस के लिए, महकमे उसका मेडिकल तक कराने का प्रावधान नहीं है। आवेदक को खुद ही यह प्रमाणित करना होता है कि वह ड्राइविंग के लिए पूरी तरह फिट है। कोई किसी के खिलाफ शिकायत करे तो जरूर जांच कराई जाती है।

बाक्स
साल भर में दुगनी हुई महिलाओं की तादाद
ड्राइविंग के मामले में महिलाओं में भी आत्मनिर्भर होने की ललक बढ़ रही है। वर्ष 2010-11 में जहां सिर्फ 3178 महिलाओं ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, वहीं 2011-12 में महिला आवेदकों की तादाद करीब-करीब दुगने तक पहुंच गई। इस साल 7165 महिलाओं ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us