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हंगामे के बाद हत्या की एफआईआर दर्ज

Bareilly Updated Tue, 15 May 2012 12:00 PM IST
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इस्लाम साबिर के बैंक्वेट हॉल के मैनेजर की मौत के मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों पर लिखा मुकदमा
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सिटी रिपोर्टर
बरेली। बैंक्वेट हॉल के मैनेजर की मौत के मामले में पूर्व विधायक इस्लाम साबिर और उनके बेटे पूर्व राज्यमंत्री शहजिल इस्लाम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए सोमवार को थाना प्रेमनगर में फिर जमकर हंगामा हुआ। शहर भाजपा विधायक डॉ. अरुण सक्सेना की अगुवाई में पहुंची भीड़ करीब तीन घंटे तक थाने में ही नारेबाजी और शोरशराबा करते रहे। आखिरकार भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस को डंडे फटकारने पड़े। हालांकि बाद में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया।
इस्लाम साबिर के प्रेमनगर इलाके में स्थित केयू बैंक्वेट हॉल में 11 मई को उसके मैनेजर जितेंद्र उर्फ बंटू माथुर का शव लटका मिला था। बंटू के घर वालों ने इसके बाद इस्लाम साबिर और शहजिल इस्लाम पर हिसाब-किताब के विवाद में बंटू की हत्या कर देने का आरोप लगाया था। शनिवार को शहर विधायक डॉ. अरुण के साथ पहुंचे लोगों ने थाना प्रेमनगर का घेराव कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, जिस पर पुलिस ने जांच के लिए 48 घंटे का समय मांगा था। सोमवार दोपहर करीब 11 बजे बंटू की पत्नी डॉली, मां चंद्रवती और भाई महेश रिश्तेदारों के साथ थाना प्रेमनगर पहुंचे। कुछ ही देर बाद विधायक डॉ. अरुण, शिवसेना के राजकुमार राजपूत, पंकज पाठक, व्यापार मंडल के शोभित सक्सेना, हिंदू जागरण एकता समिति के नरेंद्र पाल और डॉ. प्रमेंद्र महेश्वरी समेत दर्जनों और लोग भी थाने पहुंच गए। थाने में सीओ सिटी राजकुमार पहले से मौजूद थे। एहतियातन थाना बारादरी और इज्जतनगर के पुलिस फोर्स के साथ क्यूआरटी को भी बुला लिया गया। इन लोगों ने पूर्व विधायक इस्लाम साबिर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की तो सीओ सिटी ने कहा कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है। इस पर लोगों की सीओ से झड़प हो गई। उन्होंने मुकदमा दर्ज न होने पर धरना, प्रदर्शन और गिरफ्तारी देने की धमकी दी। इसके बाद भी सीओ नहीं माने तो गुस्साए लोग उनके दफ्तर से बाहर निकल आए और नारेबाजी शुरू कर दी।
माहौल बिगड़ता देख सीओ ने अफसरों से फोन पर बात करने के बाद शहर विधायक को दोबारा बातचीत के लिए बुलाया। बातचीत के बाद तय हुआ कि पुलिस फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा करेगी, मगर इस पर बंटू की पत्नी राजी नहीं हुईं। इस पर सीओ ने विधायक से चले जाने की गुजारिश करते हुए पुलिस को भीड़ को थाने से बाहर खदेड़ देने का निर्देश दे दिया। शहर विधायक बंटू के घर वालों को समझाने के लिए थाने से बाहर निकले तो पुलिस ने डंडे फटकार कर भीड़ को दौड़ा दिया।

बंटू की मां ने की खुदकुशी की कोशिश
थाने में हंगामे के दौरान बंटू की मां चंद्रवती बुरी तरह बदहवास थीं। कई बार वह थाने में ही अचेत हो गईं। एक बार तो उन्होंने खुद अपना गला घोटकर खुदकुशी की कोशिश की, जिससे उनके साथ मौजूद लोग घबरा गए। उन्होंने हाथ पकड़कर उन्हें ढांढस बंधाने की कोशिश की। बंटू के घर वालों का तर्क था कि पूर्व विधायक इस्लाम साबिर की नियत में अगर खोट नहीं था तो बृहस्पतिवार को बैंक्वेट हॉल क्यों नहीं खोला गया। उन्होंने कहा कि बंटू के पैर फर्श पर टिके हुए थे, अगर वह सुसाइड करते तो ऐसा नहीं होता। शहर विधायक डॉ. अरुण सक्सेना ने बंटू के परिवार को पूरा सहयोग देने का वायदा किया। उन्होंने बंटू की मां को ढांढस बंधाते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो पहले मैं जेल जाऊंगा उसके बाद ही दूसरे लोग जाएंगे।
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