'My Result Plus

पूर्व सबरजिस्ट्रार की जिला जेल में मौत

Bareilly Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
23 अप्रैल 2012 को कोर्ट में किया था सरेंडर
राजस्व की हानि होने पर दर्ज हुआ था केस
सिटी रिपोर्टर
बरेली। जिला जेल में पूर्व उपनिबंधक की में मौत हो गई। बीते 23 अप्रैल को वह कोर्ट में सरेंडर करके जेल गए थे। उसी दिन से वह बीमार थे।
जनकपुरी के रहने वाले फकीर प्रसाद 23 जून 1978 से 31 मार्च 1979 तक बरेली के उपनिबंधक रहे थे। इस दौरान उन्होंने ब्रह्मपुरा के 35 और नेकपुर के चार बैनामा मंजूर किए थे। इनमें राज्य सरकार को 46 हजार रुपये की स्टाम्प ड्यूटी और चार हजार रजिस्ट्री शुक्ल से हानि हुई थी। इसका खुलासा होने पर 31 अगस्त 2006 को शासन के आदेश पर फकीर प्रसाद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। करीब साढ़े पांच साल कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद 23 अप्रैल 2012 को उन्हें अदालत में समर्पण करना पड़ा था, जहां से फकीर प्रसाद को जेल भेज दिया गया था। करीब 73 वर्षीय फकीर प्रसाद पहले दिन से बीमार थे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय के मुताबिक फकीर प्रसाद को सुगर, अस्थमा और हाईब्लड प्रेशर था। तबियत खराब होने के करण पहले दिन से ही उन्हें जेल अस्पताल में रखा गया था। रविवार की दोपहर उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। इससे फकीरचंद को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Lucknow

मुस्लिम ड्राइवर देख कैंसिल कर दी ओला कैब, कहा- नहीं देना चाहता जिहादियों को पैसे

धार्मिक आधार पर भेदभाव का मामला अब कार के ड्राइवर तक पहुंच गया है। राजधानी लखनऊ के एक व्यक्ति ने निजी कंपनी की कार सिर्फ इसलिए लौटा दी क्योंकि उसका ड्राइवर मुस्लिम था।

22 अप्रैल 2018

Related Videos

पत्नी को बेरहमी से पीटकर लटकाया और फिर बना डाला ऐसा वीडियो

यूपी के शाहजहांपुर में एक हैवान पति का अमानवीय चेहरा सामने आया है। उसने अपनी पत्नी को पहले बेरहमी से पीटा और जब वो बेहोश हो गई तो उसके हाथ बांधकर उसे लटका दिया।

16 अप्रैल 2018

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen