नेटवर्किंग कंपनी ने सैकड़ों लोगों को ठगा

Bareilly Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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निवेशकों के हंगामे के बाद कथित एमडी गिरफ्तार
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सिटी रिपोर्टर
बरेली। छोटा सा पूंजीनिवेश करके लाखों कमाने का झांसा देकर लोगों को ठगने का सिलसिला शहर में थमने में नहीं आ रहा है। ऐसा ही झांसा देकर सैकड़ों लोगों की रकम डकार जाने वाली नेटवर्किंग कंपनी के राजेंद्रनगर स्थित दफ्तर पर निवेशकों ने जमकर हंगामा किया। आखिरकार मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर कंपनी के एमडी को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसएम प्राइवेट लिमिटेड (एएसएम परिवार) नाम की इस नेटवर्किंग कंपनी का दफ्तर राजेंद्र नगर में बीएसएनएल दफ्तर वाली इमारत में पहली मंजिल पर है। यह कंपनी नेटवर्किंग के जरिए लोगों से पूंजीनिवेश कराती है। आरोप है कि कंपनी के लोगों ने जिले में हजारों की तादाद में अपने सदस्य बना रखे हैं। इनमें ज्यादातर निवेशक गांवों के लोग हैं। कंपनी ने काफी लंबे समय के बाद भी अपने निवेशकों को उनके पूंजी निवेश पर कोई लाभ नहीं दिया है। सोमवार दोपहर नवाबगंज के चुनुआ गांव के दर्जन भर से ज्यादा ऐसे ही लोग कंपनी के दफ्तर पहुंचे और उन्होंने वहां मौजूद कंपनी के कथित एमडी अब्दुल हसन से अपनी रकम ब्याज समेत वापस लौटाने की मांग की। इन लोगों में सोमवती, बाबूराम, बाबूराम, होतराम, हरदेई, मुन्नी देवी, माखन लाल, संसवीर, नेमचंद, प्रेम शंकर, जयंत सिंह आदि शामिल थे।
कंपनी के एमडी अब्दुल हसन ने पहले तो इन लोगों को टालने की कोशिश की, फिर धमकाना शुरू कर दिया। इस पर लोग बिफर गए। उन्होंने दफ्तर में हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। गुस्साए लोग दफ्तर में तोड़फोड़ पर भी उतर आए। इसी बीच इन लोगों के साथ आए बसपा नेता हेतराम सागर ने एसएसपी और पुलिस कंट्रोल रूम को दे दी। कुछ ही देर में इंस्पेक्टर प्रेमनगर सोमदत्त शर्मा फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस के पहुंचने पर कंपनी के बाकी लोग तो फरार हो गए, लेकिन अब्दुल हसन को पकड़ लिया गया। इसके बाद थाने जाकर निवेशक नेमचंद की ओर से अब्दुल हसन, मोहनलाल और दुर्गानगर में रहने वाले सोमपाल के खिलाफ मुकदमा दर्जकर लिया गया। पुलिस इन लोगों की तलाश में दबिश दे रही है।

दो साल में तीस गुना लाभ देने का वायदा
नेटवर्किंग कंपनी एएसएम प्राइवेट लिमिटेड (एएसएम परिवार) के दर्जनों एजेंट हैं जो जिले भर में फैले हुए हैं। निवेशकों के मुताबिक इन लोगों ने उन्हें चार हजार रुपये जमा करने के बाद 24 महीनों के अंदर 1.25 लाख रुपये लौटाने का वायदा किया था। उनके झांसे में आकर सिर्फ उनके ही गांव में नहीं बल्कि आसपास के और भी कई गांवों के तमाम लोगों ने इस कंपनी में पूंजी निवेश किया था, लेकिन काफी समय बाद भी उन्हें बतौर लाभांश एक भी पैसा नहीं दिया गया। काफी समय से टालमटोल की जा रही थी।

कंपनी एक मगर मैनेजिंग डायरेक्टर दो
इस कंपनी में कथित तौर पर दो एमडी काम कर रहे थे। एक तो अब्दुल हसन और दूसरा मोहनलाल। ये दोनों सीबीगंज इलाके के गांव बिधौलिया के रहने वाले हैं। लोगों को झांसे में लेने के लिए इन्होंने राजेंद्रनगर में न सिर्फ आलीशान दफ्तर बना रखा है, बल्कि मैनेजर, कैशियर और सुरक्षा गार्डों को भी तैनात कर रखा है। अब्दुल हसन और मोहनलाल दोनों ने जिले के अलग-अलग इलाकों में अपना नेटवर्क फैला रखा है। सोमवार को पुलिस कंपनी के दफ्तर पहुंची तो मोहनलाल भी मौजूद था, लेकिन फरार हो गया।
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