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एजेंसियों का करोड़ों का भुगतान अटका

Bareilly Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
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एफसीआई की लेटलतीफी से गेहूं खरीद पर असर
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सिटी रिपोर्टर
बरेली। भारतीय खाद्य निगम की लेटलतीफी से गेहूं खरीद कर रही सरकारी एजेंसियों का करोड़ाें का भुगतान लटक गया है। एजेंसियों का भुगतान न होने से किसानों को भुगतान में भी दिक्कतें आ रही हैं। आरएमओ का कहना है कि सवा लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद में से सिर्फ 25 हजार मीट्रिक टन गेहूं का भुगतान हो पाया है ऐसे में यदि एफसीआई की ओर से पर्चियां जारी करने में और अधिक शिथिलता बरती गई तो इसका सीधा असर गेहूं खरीद पर पड़ेगा। इस संबंध में आला अधिकारियों को भी अवगत कराया जा रहा है।
केंद्र सरकार के निर्देश पर इन दिनों गेहूं खरीद की जा रही है। गेहूं खरीद का जिम्मा, एनसीसीएफ, नेफेड, यूपी एग्रो, एसएफसी, कर्मचारी कल्याण निगम, व खाद्य विभाग समेत नौ सरकारी एजेंसियों को सौंपा गया है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो बरेली मंडल में अभी तक साढ़े तीन लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद भी की जा चुकी है। लेकिन भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों की शिथिलता से गेहूूं खरीद प्रभावित हो रही है। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी रवि कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि निगम की ओर से सवा लाख मीट्रिक टन गेहूं का भंडारण कराया जा चुका है। लेकिन निगम की ओर से अभी तक महज 55 हजार मीट्रिक टन गेहूं की पर्चियां जारी हो पाई हैं, जिसमें से 26 हजार मीट्रिक टन गेहूं का भुगतान सरकारी एजेंसियों को हो पाया है।

सरकारी एजेेंसियाें का भुगतान न होने से उन्हें किसानाें का भूुगतान करने में दिक्कतें आ रही है। कई एजेंसियाें की वित्तीय स्थिति इतनी ठीक नहीं है कि वह भुगतान कर सकें। इन परिस्थितियों में सरकारी एजेंसियां यदि गेहूं खरीद में आनाकानी करने लगें तो कोई ताज्जुब नहीं। आरएमओ रवि कुमार का कहना है कि इस संबंध में आला अधिकारियों को भी अवगत कराया जा रहा है।

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