बरेली कॉलेज में ढाई घंटे बेहोश पड़ा रहा छात्र

Bareilly Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
छात्र नेताओं ने किया मीडिया के लोगों के आने का इंतजार, शिक्षक ताने देकर निकल गए
एमकॉम का वायवा देने आया था कॉलेज
डिहाइड्रेशन की वजह से हुआ था बेहोश

बरेली। बरेली कॉलेज में रविवार को एक घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। एमकॉम का वायवा देने आया एक पोलियोग्रस्त छात्र डिहाइड्रेशन की वजह से करीब ढाई घंटे तक कैंपस में बेहोश पड़ा रहा, लेकिन उसकी सुधि किसी ने नहीं ली। शिक्षक उस पर ताने कसकर निकल गए और कुछ छात्रनेता वहां पहुंचे तो उसे डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय मीडिया के दफ्तरों में फोन किया। मीडिया के लोग पहुंचे तो पहले कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई, फिर बेहोश छात्र को अस्पताल ले जाया गया।
रविवार को बरेली कॉलेज मेें एमकॉम फाइनल ईयर का वायवा था। देवरनिया इलाके के गांव ठिरिया बांके उतरा से पोलियोग्रस्त छात्र उमाकांत भी वायवा देने आए थे। करीब साढ़े ग्यारह वॉयवा देने के बाद उनकी तबियत बिगड़ गई। वह कॉमर्स डिपार्टमेंट के बाहर लगे जेनरेटर के पास ही बेहोश होकर गिर गए। काफी देर उमाकांत बेहोश पड़े रहे। समाजवादी छात्रसभा के कुछ कार्यकर्ताओं की नजर पड़ी तो उन्होंने उन्हें उठाकर बरामदे में लिटा दिया। कॉलेज प्रशासन को सूचना दी गई, लेकिन फिर भी काफी देर कोई नहीं आया तो सछास नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। करीब एक घंटे बाद कार्यालय अधीक्षक (परीक्षा) अंजुम आदिल पहुंचे तो उमाकांत को पानी पिलाने की कोशिश की गई, लेकिन पानी पीते ही उन्हें उल्टी हो गई। इस बीच सछास नेताओं ने मीडिया के लोगों को भी फोन करके बुला लिया। मीडिया के पहुंचने के बाद करीब पौने दो बजे प्राचार्य की गाड़ी से उमाकांत को पड़ोस के ही ओम शांति अस्पताल ले जाया गया, जहां गंभीर हालत की वजह से उमाकांत को भर्ती कर लिया गया। होश में आने के बाद उमाकांत ने बताया कि वह जब जमीन पर पड़े थे तो कुछ शिक्षक वहां पहुंचे थे। एक शिक्षक ने कहा, ‘उठ-उठ, ठीक से उठकर बैठ, नाटक मत कर।’ इतना कहकर वे लौट गए।
--------------
छात्र नेताओं ने हॉस्पिटल में हंगामा किया
ओम शांति हॉस्पिटल के डॉक्टर अजय अग्रवाल ने बताया, छात्र को हॉस्पिटल लेकर कुछ छात्रनेताओं ने यहां हंगामा शुरू कर दिया। महिला स्टाफ से भी गलत ढंग से बात की। उमाकांत की बेहोशी की वजह लूज मोशन थी। अगर उसे ठंडा पानी, ग्लूकोज और इलेक्ट्रॉल दिया जाता तो इतनी दिक्कत नहीं होती। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि बरेली कॉलेज से हमें कभी कोई पैसा नहीं दिया जाता, न उनके साथ हमारा कोई समझौता है। फिर भी विद्यार्थी बड़े ही हक के साथ यहां इलाज कराने चले आते हैं। कॉलेज में उन्हें झूठी सूचना दी जाती है कि हमारा उनके साथ समझौता है। इसलिए कई बार वे हंगामा भी करते हैं।

----------
12 रुपये लिया जाता चिकित्सा शुल्क
बरेली कॉलेज में हर विद्यार्थी से 12 रुपये चिकित्सा शुल्क लिए जाते हैं, लेकिन कॉलेज की ओर से विद्यार्थियों को इलाज की कोई सुविधा नहीं दी जाती। कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो है, लेकिन काफी समय से उसमें ताला लगा रहता है। पहले डॉक्टर रमजानी विद्यार्थियों के इलाज की जिम्मेदारी संभालते थे, लेकिन अब यहां कोई नहीं है।

-------------
पहले कॉलेज में एक डॉक्टर बैठते थे। लेकिन कोई डॉक्टर यहां पूरा समय नहीं दे सकता। जब कभी ऐसी समस्या होती है तो विद्यार्थियों को ओम शांति हॉस्पिटल ही भेजा जाता है। वहां डॉक्टर से कहा जा चुका है कि विद्यार्थियों का पहले इलाज करें, फिर बिल प्राचार्य को भेज दें। इस छात्र के लिए भी प्राचार्य ने कार्यालय अधीक्षक (परीक्षा) अंजुम आदिल को भेजा था। - डॉ. अजय शर्मा, चीफ प्रॉक्टर, बरेली कॉलेज

Spotlight

Most Read

Chandigarh

'आप' के बाद अब मुसीबत में भाजपा, हरियाणा के चार विधायकों पर गिर सकती है गाज

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के बीस विधायकों की छुट्टी के बाद अब हरियाणा के भी चार विधायकों की सदस्यता जा सकती है।

22 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: यूपी के दो दिन तक बंधक बनाकर किया गैंगरेप

यूपी में जहां एक तरफ अपराधियों पर नकेल कसने के लिए ताबड़तोड़ मुठभेड़ हो रही हैं। वहीं दूसरी तरफ महिलाओं से गैंगरेप की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला शाहजहांपुर का है।

22 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper