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रोगियों की पहचान और इलाज की जानकारी दी

Updated Mon, 05 Jun 2017 05:48 PM IST
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लखीमपुर खीरी। जापानी इंसेफ्लाइटिस एवं एक्यूट इंसेफ्लाटिस सिंड्रोम से पीड़ित मरीजों का इलाज और इससे बचाव के लिए सोमवार को एएनएम ट्रेनिंग सेंटर पर कार्यशाला हुई, जिसकी अध्यक्षता सीएमओ डॉ. जावेद अहमद ने की। उन्होंने सीएचसी प्रभारियों को जेई और एईएस पीड़ित रोगियों की पहचान और इलाज के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
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कार्यशाला में ट्रेनर डॉ. संतोष कुमार मिश्रा ने जेई और एईएस के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जेई मच्छरों के काटने से फैलता है, जिसका कारण सुअर है। उन्होंने बताया कि तेज बुखार का आना, साथ ही झटके और स्वभाव में चिड़िचिड़ापन आना इसकी पहचान है। डॉ. संतोष मिश्रा ने बताया कि तेज बुखार आने पर मरीज को पैरासीटामॉल दें और जांच भी कराएं, जिससे मालूम चल सके कि बुखार वायरस जनित है या फिर वैक्टीरिया जनित है। वहीं ट्रेनर एसीएमओ डॉ.बीवी राम ने कहा कि बुखार पीड़ित मरीज में यह भी देखें कि कहीं उसे झटके तो नहीं आ रहे हैं। यदि झटके आ रहे हों तो उसकी विशेष निगरानी करें। ट्रेनर जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.आरके वर्मा ने कहा कि जेई और एईएस पीड़ित मरीज को यदि कोई दिक्कत आ रही हो तो उसे जिला अस्पताल रेफर करें। उन्होंने बताया कि मरीजों के घर वालों को मच्छर से बचाव की जानकारी दें। इस दौरान डीएमओ डॉ.एसके वर्मा सहित सीएचसी के मेडिकल अफसर मौजूद रहे।

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