कुशीनगर ट्रेन में दोस्तों ने मारी थी व्यवसायी को गोली

Barabanki Updated Mon, 24 Mar 2014 05:30 AM IST
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बाराबंकी। कुशीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में गत दो मार्च की सुबह झांसी में मृत मिले व्यवसायी की हत्या उसके दो दोस्तों ने ही गोली मार कर की थी। युवक को बाराबंकी जंक्शन से छूटने के बाद ही एक मार्च की रात सिर में रिवाल्वर सटाकर गोली मारी गई थी। किसी के चीखने चिल्लाने की आवाज नहीं होने से यात्री गोली की आवाज सुनने के बाद फिर से सो गए थे। शनिवार की रात पुलिस ने हत्या के दो आरोपी युवकों को मल्हौर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी युवकों के पास से हत्या में प्रयुक्त रिवाल्वर व दो कारतूस और मोबाइल मिले हैं। युवकों के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है। गोरखपुर जनपद के थाना राजघाट के ग्राम हांसूपुर निवासी दयानंद गुप्ता अपने पुत्र नवीन गुप्ता (27) को कुशीनगर एक्सप्रेस से एक मार्च को नासिक ले जा रहे थे। यहां पर नवीन की कालसर्प योग की पूजा होनी थी। नवीन को स्लीपर कोच-11 में अपर बर्थ मिली थी जबकि पिता दयानंद गुप्ता स्लीपर कोच-दो में थे। एक मार्च की रात करीब 11.46 बजे बाराबंकी रेलवे जंक्शन से ट्रेन छूटने के बाद ही किसी ने नवीन की गोली मारकर हत्या कर दी थी और हत्यारे यहीं आउटर पर ट्रेन से उतर गए थे। कोच के लोगों को कुछ भी पता नहीं चला। दो मार्च की सुबह करीब आठ बजे जब ट्रेन झांसी स्टेशन पहुंची तो नीचे बैठे यात्रियों ने ऊपर से खून टपकता देख इसकी सूचना स्थानीय जीआरपी को दी। जीआरपी ने शव को वहीं स्टेशन पर उतार लिया और पोस्टमार्टम कराया। रेल यात्रियों ने जीआरपी को बताया कि बाराबंकी से ट्रेन छूटने के बाद ही गोली चलने की आवाज सुनाई दी थी। लेकिन किसी के शोर नहीं मचाने पर फिर से वह सभी सो गए थे। नवीन के पिता दयानंद गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगोें के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट शून्य पर दर्ज कर इसे बाराबंकी ट्रांसफर कर दिया जिसकी विवेचना एसओ जीआरपी गिरिजा शंकर त्रिपाठी कर रहे थे। मृतक के मोबाइल से मिले अहम सुरागों के आधार पर पुलिस ने शनिवार की रात करीब पौने दस बजे दो आरोपियों को मल्हौर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। युवकों के पास से बिना लाइसेंसी 32 बोर की एक रिवाल्वर, दो कारतूस व मोबाइल फोन मिले हैं। पकड़े गए युवकों ने अपना नाम कुलदीप सिंह पुत्र धनंजय सिंह निवासी ग्राम पथरहट थाना गौरी बाजार जिला देवरिया व राकेश यादव पुत्र विजय प्रताप यादव निवासी भीटी रावत थाना सहजनवां जिला गोरखपुर बताया है। कुलदीप बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। उसने बताया कि क्लास में पढ़ने वाले एक दोस्त के जरिए नवीन से उसकी दोस्ती हुई थी। कुलदीप गोरखपुर में ही किराए के मकान में रहता था। नवीन की एक गर्लफ्रेंड थी। बाद में वह गर्लफ्रेंड के साथ कुलदीप के कमरे पर आने लगा। आरोपी कुलदीप ने बताया कि मकान मालिक के एतराज पर नवीन को गर्लफ्रेंड के साथ कमरे पर आने से उसने मना किया। इसी बात को लेकर नवीन ने उससे मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। थानाध्यक्ष जीएस त्रिपाठी ने बताया कि संबंध खत्म होने के बाद नवीन फेसबुक पर कुलदीप को धमकाने लगा। कुलदीप ने भी इसका जवाब दिया। कुलदीप के फेसबुक अकाउंट बंद करने पर नवीन फोन पर एसएमएस के जरिए उसे धमकी देने लगा। कुलदीप ने बताया कि नवीन ने उसे धमकी दी थी कि वह नासिक से लौट के आने पर उसे जान से मार देगा। इसी में दुश्मनी काफी बढ़ गई थी जिसके चलते कुलदीप व राकेश ने मिलकर नवीन की हत्या कर दी थी। क्षेत्राधिकारी रेलवे प्रथम आरडी यादव ने बताया कि नवीन एक मामले में हत्या आरोपी भी था। वर्ष 2011 में उस पर एक मूंगफली बेचने वाले की हत्या करने का आरोप था।
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