बिजली कटौती ने छीना दिन का चैन, रात का आराम

Barabanki Updated Thu, 09 May 2013 05:30 AM IST
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बाराबंकी। गर्मी बढ़ने के साथ-साथ जिले में बिजली कटौती का समय भी बढ़ता जा रहा है। घोषित व अघोषित विद्युत कटौती ने लोगों के दिन का चैन व रात का आराम छीन लिया है। आम आदमी से लेकर किसान व छोटे व्यापारी तक सभी परेशान हैं। किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है तो व्यापार भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। विद्युत कटौती की हालत ये है कि शहरी क्षेत्र में 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्र्ति व्यवस्था तो और भी खराब है। किसानों को बमुश्किल पांच घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
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जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। शहरी क्षेत्र में लोगों को 10 से 12 घंटे बिजली ही मिल पा रही है। दिन रात हो रही कटौती से आम आदमी परेशान है। सुबह और शाम हो रही कटौती से लोगों को गर्मी में जहां घर में रुकना मुश्किल हो रहा है वहीं छोटे कारोबारियों का व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित है। रात में हो रही कटौती से लोगों की नींद भी छिन रही है। इसके अलावा फाल्ट के नाम पर हो रही कटौती भी मुसीबत बनी हुई है। विभागीय रोस्टर के मुताबिक सुबह 11 से दोपहर दो बजे, शाम को छह से नौ बजे और रात में एक से चार बजे तक विद्युत कटौती की जा रही है। इसके अलावा दिन रात में कई बार फाल्ट के नाम पर कटौती की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को बमुश्किल पांच से छह घंटे ही बिजली मिल रही है। कुरौली के आलोक कुमार बताते हैं कि गर्मी बढ़ने के साथ ही विद्युत कटौती बढ़ने से लोगों को रात में सोना भी मुश्किल हो गया है। व्यवसायी धर्मेंद्र पटेल ने बताया कि सुबह व शाम को काम का समय होता है। इस समय हो रही विद्युत कटौती से रोजगार पर बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीण शिवप्रकाश बताते हैं कि गांव में इन दिनों बमुश्किल से पांच से छह घंटे ही बिजली मिल रही है। ये विद्युत आपूर्ति भी रात में होती है। जिससे किसानों को सींच के लिए समय से पानी नहीं मिल पा रहा है।
जिले में सामान्य विद्युत आपूर्ति के सापेक्ष लगभग आधी बिजली ही मिल रही है। जिले में सामान्य विद्युत आपूर्ति के लिए (शहरी क्षेत्र में करीब 22 घंटे व ग्रामीण क्षेत्र में 14 घंटे के लिए) माह में करीब 50 मिलियन यूनिट की आवश्यकता होगी। मगर मौजूदा समय में जिले को माह में करीब 35 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति ही हो रही है। अधिशासी अभियंता आशू कालिया ने बताया कि मांग के अनुरूप बिजली नहीं मिलने से बिजली संकट है।
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