सालों से बिजली ठप, आया `25 हजार बिल

Barabanki Updated Fri, 28 Dec 2012 05:30 AM IST
बाराबंकी। घर में बिजली का कनेक्शन नहीं फिर भी कई ग्रामीणों को 25-25 हजार रुपये के बिल भेज दिए गए। ये कारनामा विद्युत विभाग का है। इतना ही नहीं चेकिंग के दौरान अफसरों ने ग्रामीणों को विद्युत चोरी में पकड़ा और उनसे चार-चार हजार रुपये शमन शुल्क भी वसूल लिया। ग्रामीण अब पैसा वापसी के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
मामला शहर मुख्यालय से मात्र सात किलोमीटर दूर स्थित बंकी ब्लॉक की ग्राम पंचायत जिन्हौली का है। गांव में विभाग ने पोल गाड़कर तार बिछा दिए। उनमें करंट भी दौड़ा। करीब चार साल पहले आई तेज आंधी में कई पोल व तार टूट गए। बिजली के लटकते तारों से कोई करंट की चपेट में न आ जाए इस वजह से ग्रामीणों ने उसे पास के पेड़ से बांध दिया था। जिससे कि वर्ष 2008 से गांव में बिजली ही नहीं आ रही थी। 20 नवंबर 2010 को विभागीय अधिकारियों की टीम विद्युत चोरी पकड़ने के लिए गांव पहुंची। टीम के अधिकारियों ने गांव के मुनेश्वर, कलीम, सुनील, रामकिशोर, कैलाश, हुगलाल, शिवकुमार, शकील, धनीराम, भगवानदीन और प्रद्युम्न को कटिया लगाकर बिजली चोरी का दोषी मानते हुए 4-4 हजार रुपये का शमन शुल्क लगा दिया। जेल जाने के डर से ग्रामीणों ने शमन शुल्क जमा कर दिया। मगर इसके बाद विभाग ने आरोपी ग्रामीणों को 25-25 हजार रुपये का रिकवरी नोटिस भेज दिया। इससे ग्रामीण परेशान हैं।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी पुलिस भर्ती को लेकर युवाओं में जोश, पहले ही दिन रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन

यूपी पुलिस में 22 जनवरी से शुरू हुआ फॉर्म भरने का सिलसिला पहले दिन रिकॉर्ड नंबरों तक पहुंच गया।

23 जनवरी 2018

Related Videos

बाराबंकी में 14 मौतों पर बीजेपी सांसद से जवाब देते नहीं बना

बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत पर शनिवार को बीजेपी सासंद प्रियंका रावत ने मीडिया से बात की। बीजेपी सांसद ने कहा कि गुमराह करनेवाले अफसरों को बक्शा नहीं जाएगा।

14 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper