आए दिन कट रहीं माइनर किसानों के लिए मुसीबत

Barabanki Updated Mon, 24 Dec 2012 05:30 AM IST
बाराबंकी। जिले में नहर व माइनरें सिंचाई की सुविधा के बजाय आफत साबित हो रही हैं। इनके कटने से बीते 25 दिनों में अलग-अलग पांच जगहों पर लगभग 36 सौ बीघा फसल किसानों की चौपट हो चुकी है। साथ ही यह स्थिति नहर व माइनरों की सफाई के सिंचाई विभाग के दावों की पोल खोल रही हैं। नहर कटने की पहली घटना 28 नवंबर को घुंघटेर थाना क्षेत्र के गांव ग्राम धौरहरा में हुई। रात में शारदा नहर से पानी छोड़ा गया। पानी का बहाव व दबाव ज्यादा होने से शारदा सहायक नहर कट गई। जिससे चौदह गांवों की करीब एक हजार बीघा फसल जलमग्न हो गई। दूसरी घटना 19 दिसंबर की रात की है। इसरौली क्षेत्र में शारदा नहर से निकली देवखरिया माइनर ओवर फ्लो होने के कारण ग्राम बिलौली के निकट कट गई। घटना में दो दर्जन किसान प्रभावित हुए। उनकी करीब 250 बीघा फसल नष्ट हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर भी विभागीय अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे। तीसरी घटना में 19 दिसंबर को ही लखनपुर माइनर पातिनपुर गांव के पास कट गई। इसमें कई किसानों की गेहूं, आलू, सरसों, मसूर व चना आदि का एक सैकड़ा बीघा फसल बर्बाद हो गई। वहीं 20 दिसंबर को मसौली क्षेत्र के शहाबपुर गांव के पास हुई। यहां पर शारदा सहायक नहर तेज बहाव के कारण कट गई। अचानक आई इस आफत से छह गांवों के 200 किसान प्रभावित हुए। उनकी करीब 2000 हजार बीघा आलू व गेहूं की फसलें बर्बाद हो गईं। 20 दिसंबर को ही शारदा सहायक नहर से निकली पिपरौली शाहपुर रजबहा बेहटा के पास कट गई। इसमें किसानों की करीब 150 बीघा आलू व गेहूं आदि की फसल डूब गई। लगातार बढ़ रही नहर कटने की इन घटनाओं ने नहर के किनारे बसे गांवों के किसानों की नींद उड़ा दी है। साथ ही नहरों, माइनरों व रजबहों की साफ-सफाई को लेकर सिंचाई विभाग के दावों को भी पोल खोल रही हैं। विभाग द्वारा यदि नहरों व माइनरों आदि की सफाई ईमानदारी से कराई गई होती तो शायद ये घटनाएं नहीं होती। इसका कारण भी है। मुख्य नहर से जितना पानी छोड़ा जाता उसकी निकासी के लिए नहरों व माइनरों में पर्याप्त रास्ता होना चाहिए। लेकिन हकीकत यह है कि नहरों व माइनरों की सफाई व्यवस्था ठेकेदारी प्रथा की भेंट चढ़ चुकी है। विभागीय अधिकारी भी इसे जानते हुए मौन है। नहरों व माइनरों से न तो मानक के अनुसार सिल्ट हटवाई गई है न ही झाड़ियों की सफाई कराई गई है। यही वजह है कि पानी के बहाव में जगह-जगह अवरोध आ रहे हैं। जिससे कई जगहों पर पानी का दबाव ज्यादा हो जाता तो झाड़ियों की सफाई के अभाव में वहां से गुजरने के बाद पानी का बहाव तेज हो जाता। उधर नहरों व माइनरों का विभाग द्वारा अनुरक्षण कार्य नहीं कराये जाने से कमजोर हो चुके किनारे पानी के अधिक दबाव व तेज बहाव से टूट रहे हैं। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

बाराबंकी में 14 मौतों पर बीजेपी सांसद से जवाब देते नहीं बना

बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत पर शनिवार को बीजेपी सासंद प्रियंका रावत ने मीडिया से बात की। बीजेपी सांसद ने कहा कि गुमराह करनेवाले अफसरों को बक्शा नहीं जाएगा।

14 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper