स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर धोखा खा रहे मरीज

Barabanki Updated Sat, 08 Dec 2012 05:30 AM IST
बाराबंकी। जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। पर्याप्त स्टाफ होने के बाद भी मरीज उपचार के लिए धक्के खा रहे हैं। तीन एंबुलेंस को चलाने के लिए यहां महज एक ही चालक है। वार्डों में भर्ती मरीज स्टाफ की मनमानी से खासे परेशान होते हैं। मरीज से लेकर तीमारदार तक से सीधे मुंह बात न करना इनकी आदत में शुमार हैं। इन सबके बावजूद प्रतिदिन आठ से नौ सौ मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने जब जिला अस्पताल के सूरते हाल की तफ्तीश की तो एक बार फिर से विभागीय लापरवाही जगह-जगह गंदगी की तरह ही फैली नजर आई।
140 बेड वाले जिला अस्पताल में 27 डॉक्टर, 25 नर्स और आठ पैरा मेडिकल स्टाफ तैनात है। साफ सफाई के अभाव में वार्डों के अंदर और बाहर रोज की तरह ही गंदगी दिखी। दवाएं तो पर्याप्त मात्रा में हैं मगर वितरण में लापरवाही बरती जा रही है। औषधि वितरण कक्ष पर दवाओं के वितरण का जिम्मा अप्रशिक्षुओें को सौंप दिया गया है। ड्रेसिंग रूम में गंदगी दिखी, जिससे मरीज में संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। हाल ही में आपरेशन थियेटर की मरम्मत में लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। जनरेटर है पर आवेदन के तीन साल बाद भी स्वतंत्र फीडर चालू नहीं किया जा सका है जिससे अस्पताल को 18 से 20 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। वार्डों के बेडों पर चादरें तो हैं इन्हें कब बदला जाता है इसकी जानकारी भर्ती मरीजों को भी नहीं है। अस्पताल में तीन एंबुलेंस हैं पर इन्हें चलाने के लिए एक चालक है। एक अन्य चालक बीमारी के कारण कार्य करने योग्य नहीं है। पर्याप्त संसाधनों के बावजूद मरीजों को धक्के खाने पड़ रहे हैं। बाहर से दवाएं लिखने का सिलसिला भी थम नहीं रहा है।
अस्पताल परिसर में हुआ प्रसवः स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का एक और नजारा शुक्रवार को देखने को मिला। जिला अस्पताल परिसर में ही एक प्रसूता ने बच्ची को जन्म दे दिया और प्रसव के कई घंटे बाद तक अस्पताल प्रशासन इससे अंजान बना रहा। लोगों की सूचना पर हरकत में आए विभाग ने जच्चा-बच्चा को महिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू कराया। शुक्रवार की भोर करीब चार बजे जिला अस्पताल परिसर में नई बिल्डिंग के समीप योगिता नाम की एक महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। बताया जाता है कि योगिता फैजाबाद की रहने वाली है। जिसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ कई दिनों से अस्पताल परिसर व इसके आसपास रह रही थी। वह सुबह करीब साढे़ नौ बजे जिला अस्पताल परिसर की नई बिल्डिंग के समीप धूप में बैठी पीड़ा से कराह रही थी तब लोगों को जानकारी हुई। इसकी सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची नर्सेस संघ की महामंत्री संघमित्रा ने उसे महिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं। सीएमएस डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है, जानकारी के बाद जच्चा-बच्चा को भर्ती कर लिया गया है।

Spotlight

Most Read

Delhi NCR

आप विधायकों को हाईकोर्ट ने भी नहीं दी राहत, अब सोमवार को होगी सुनवाई

लाभ के पद के मामले में चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित करने के मामले में अब सोमवार को होगी सुनवाई।

19 जनवरी 2018

Related Videos

बाराबंकी में 14 मौतों पर बीजेपी सांसद से जवाब देते नहीं बना

बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत पर शनिवार को बीजेपी सासंद प्रियंका रावत ने मीडिया से बात की। बीजेपी सांसद ने कहा कि गुमराह करनेवाले अफसरों को बक्शा नहीं जाएगा।

14 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper