गरीबों के चावल पर संकट के बादल

Barabanki Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
बाराबंकी। अन्त्योदय और बीपीएल कार्डधारकों को इस माह निर्धारित मात्रा में चावल नहीं मिल सकेगा क्योंकि एफसीआई गोदाम में चावल का एक दाना भी नहीं बचा है। 63 सौ एमटी के सापेक्ष अभी तक 41 सौ एमटी चावल की ही उठान की जा सकी है। जिससे इस माह इन कार्डधारकों को चावल की कमी से जूझना पड़ेगा।
चावल पर यह संकट विभागीय लापरवाही का नतीजा है। एफसीआई गोदाम पर तैनात अधिकारियों को इस बात की जानकारी पहले से थी कि इस माह सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए जितने चावल की आवश्यकता है उतना गोदाम में मौजूद नहीं है। इसके बावजूद व्यवस्था नहीं कि गई जिसका खामियाजा उन गरीबों को भुगतना पड़ेगा जिनका पेट भरने का एक मात्र जरिया सरकारी राशन है जो इन्हें प्रतिमाह मिलता है। बताते चलें कि अन्त्योदय और बीपीएल कार्डधारकों में वितरण के लिए प्रति माह एफसीआई गोदाम से 63 सौ एमटी चावल की उठान विपणन शाखा द्वारा की जाती है। अभी तक महज 41 सौ एमटी चावल का ही उठान किया जा सका। आगे भी शेष 22 सौ एमटी चावल मिलने की उम्मीद नहीं है क्योंकि गोदाम में चावल उपलब्ध नहीं है। जिससे इस बार इन कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा में चावल नहीं मिल सकेगा। इस माह इन गरीब परिवारों को चावल की जगह रोटी से ही पेट भरना पड़ेगा।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

बाराबंकी में 14 मौतों पर बीजेपी सांसद से जवाब देते नहीं बना

बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत पर शनिवार को बीजेपी सासंद प्रियंका रावत ने मीडिया से बात की। बीजेपी सांसद ने कहा कि गुमराह करनेवाले अफसरों को बक्शा नहीं जाएगा।

14 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper